
सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने आजीवन कर्नल आफ द रेजिमेंट
दिल्ली कैंट स्थित मानेकशा सेंटर में आयोजित समारोह में द गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल आफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने प्रदान किया गया उन्हें यह सम्मान, सम्मान पाने वाले गढ़वाल राइफल्स के इतिहास में पहले सेवारत फोर स्टार जनरल सुब्रमणि
देहरादून, 08 अगस्त 2026: गढ़वाल राइफल्स के 139 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। दिल्ली कैंट स्थित मानेकशा सेंटर
में आयोजित समारोह में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को द गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स का आजीवन ‘कर्नल आफ द रेजिमेंट’ नियुक्त किया गया। द गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल आफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने प्रदान किया। गढ़वाल राइफल्स के इतिहास में पहली बार किसी सेवारत फोर स्टार जनरल को आजीवन ‘कर्नल आफ द रेजिमेंट’ का सम्मान मिला है। इस मौके पर गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी भी मौजूद रहे।
जनरल सुब्रमणि गढ़वाल राइफल्स के इतिहास में फोर स्टार रैंक हासिल करने वाले प्रथम अधिकारी भी हैं। उनकी इस नियुक्ति को रेजिमेंट की गौरवशाली परंपराओं और सैन्य विरासत के लिए विशेष उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। आजीवन कर्नल आफ द रेजिमेंट का दायित्व मिलने से रेजिमेंट के साथ उनका जुड़ाव और अधिक विशेष हो गया है। समारोह में जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने राष्ट्र की सुरक्षा में गढ़वाल राइफल्स की उत्कृष्ट सेवाओं को याद किया। उन्होंने रेजिमेंट के वीर सैनिकों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया। साथ ही सैनिकों का गढ़वाल राइफल्स की गौरवशाली परंपरा को उसी समर्पण एवं उत्साह के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा सर्वोच्च दायित्व है और प्रत्येक सैनिक को रेजिमेंट की समृद्ध विरासत से प्रेरणा लेते हुए देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
जनरल सुब्रमणि की आजीवन कर्नल आफ द रेजिमेंट के रूप में नियुक्ति को गढ़वाल राइफल्स के सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। यह नियुक्ति रेजिमेंट की स्थापना से लेकर अब तक चली आ रही निष्ठा, साहस, बलिदान और दृढ़ संकल्प की परंपरा को और मजबूत करती है। सैन्य विरासत से जुड़े इस ऐतिहासिक अवसर ने रेजिमेंट की भावी पीढ़ियों को भी राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया है।



