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भालू ने टिहरी के टोला गांव में ध्वस्त किया मकान

Bear destroys house in Tehri's Tola village.

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भालू ने टिहरी के टोला गांव में ध्वस्त किया मकान

कीर्तिनगर विकासखंड की डागर पट्टी के अंतिम गांव टोला में विगत चार दिनों से भालू की दहशत, वन कर्मियों की गश्त, सायरन और फाक्स लाइट के बावजूद गांव में घुसा भालू

देहरादून, 13 अक्टूबर 2026: टिहरी जिले के कीर्तिनगर विकासखंड की डागर पट्टी के अंतिम गांव टोला में भालू ने फिर एक मकान को ध्वस्त कर दिया। वन विभाग के चार कर्मचारियों की गश्त, सायरन और फाक्स लाइट के बावजूद भालू गांव में आ धमका। इस घटना के बाद से लोगों में दहशत है और वह सुरक्षित ठिकाने तलाश रहे हैं। वहीं, रेंजर ने अब स्वयं मोर्चा संभाल लिया है।

टोला में पिछल चार दिन से भालू धमाचौकड़ी मचाए हुए है। आधी रात में वह पठाल के घरों को ध्वस्त कर रहा है और सब्जियों को भी क्षति पहुंचा रहा है। उसने तीन दिन में तीन घरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करने के साथ एक घर को थोड़ा नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद से वन विभाग के चार कर्मचारियों ने प्रभावित घरों में डेरा डाला हुआ है। एक घर की छत पर फाक्स लाइट और भालू के संभावित मार्ग पर सायरन वाला साइलेंसर भी लगाया गया है। यहां तक घर के आगे आग भी जलाई हुई थी।

बताते हैं कि वनकर्मी रात को दूसरे घरों में गश्त पर गए तो भालू ने उसी समय सुरेंद्र सिंह के उस घर पर धावा बोल दिया, जिसमें उसने पहले कम नुकसान पहुंचाया था। इसका पता वनकर्मियों को रात तीन बजे लगा। गांव के कुछ लोगों का कहना था कि कर्मचारियों को इसी घर में ड्यूटी देनी चाहिए थी, ताकि भालू को देखकर पहचाना और भगाया जा सकता।

इधर, गांव के लोग भालू के इस व्यवहार पर हैरत में हैं। गांव के 85 वर्षीय केशर सिंह ने बताया कि गांव में पहली बार ऐसी घटना घटते देख रहे हैं। अब तो यहां दिन में भी डर लगने लगा है। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि यही स्थिति रही तो उन्हें रहने को सुरक्षित ठौर तलाशने पड़ेंगे। वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए रेंजर संजय बेलवाल ने स्वयं कमान संभाल ली है।

उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के दूसरे दल के साथ वह स्वयं घटनास्थल पर तैनात रहेंगे। सबसे पहले तो यह पता लगाना होगा कि हमला करने वाला जानवर क्या भालू ही है। इसके बाद उसके आतंक से निजात दिलाने के लिए अन्य सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

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