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जान जोखिम में डाल उफनती हेंवल और गंगा नदी पार कर रहे कोटा और उमरीसैंण के ग्रामीण

Villagers from Kota and Umrisain are risking their lives to cross the swollen Hewal and Ganga rivers.

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जान जोखिम में डाल उफनती हेंवल और गंगा नदी पार कर रहे कोटा और उमरीसैंण के ग्रामीण

लक्ष्मणझूला डीएम कैंप कार्यालय से करीब 12 किमी दूर फूलचट्टी संगम पर आज तक नहीं बन पाया पुल, मृतक के घर शोक जताने आ रहे लोगों को राफ्टिंग का काम करने वाले युवाओं ने रस्सी व लाइफ जैकेट के सहारे पार कराई उफनती नदी, कोटा, उमरीसैंण व माला समेत कई गांवों के लोग वर्षाकाल में जान हथेली पर रखकर सफर करने को विवश

देहरादून, 01 सितंबर 2026: प्रशासन के दावों और विकास के लंबे-चौड़े वादों की जमीनी हकीकत देखनी हो तो पौड़ी जनपद के  यमकेश्वर ब्लाक स्थित फूलचट्टी संगम स्थल चले आइए। वर्षाकाल के दौरान यहां कोटा, उमरीसैंण और माला समेत कई गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर उफनाती हेंवल और गंगा नदी को पार करने के लिए विवश हैं। लक्ष्मणझूला स्थित डीएम कैंप कार्यालय से मात्र 12 किमी की दूरी पर स्थित फूलचट्टी संगम पर आज तक एक अदद पुल नहीं बन पाया है। इसके चलते वर्षाकाल में इस क्षेत्र का संपर्क शेष दुनिया से कट जाता है। समझा जा सकता है कि लोग यहां किस हाल में रह रहे होंगे। हैरत देखिए कि इतना सब होने पर भी शासन-प्रशासन को क्षेत्र के लोगों की कोई परवाह नहीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा उफनती नदी पार करने का दिल दहलाने वाला वीडियो

इन दिनों फूलचट्टी संगम पर उफनती नदी को पार करने का दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा ने बताया कि बीते 31 अगस्त को उमरीसैंण गांव में एक व्यक्ति का निधन हो गया था। ऐसे में शहर से शोक संवेदना व्यक्त करने और मृतक के स्वजन से मिलने कुछ लोग गांव आ रहे थे, लेकिन गंगा और हेंवल नदी के उफान पर होने के कारण उनके कदम ठिठक गए।जब राफ्टिंग का काम करने वाले कुछ स्थानीय युवाओं को यह जानकारी मिली तो वे तुरंत अपने व्यावसायिक उपकरण लेकर फूलचट्टी संगम स्थल पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लाइफ जैकेट, रस्सी और राफ्टिंग उपकरणों की मदद से उन लोगों को सुरक्षित उफनती नदी पार कराई। तब जाकर वे उमरीसैंण पहुंच सके।

आश्वासनाें से भरा जा रहा ग्रामीणों का पेट

ग्रामीणों की पीड़ा है कि वे पिछले कई वर्षों से फूलचट्टी संगम पर पुल के निर्माण की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन किसी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। हर बार मामला उठता है और फिर शासन-प्रशासन की फाइलों में कैद होकर रह जाता है। जनप्रतिनिधि भी सिर्फ कोरे आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी निभा लेते हैं। नतीजा, वर्षाकाल में हेंवल और गंगा का जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों का संपर्क शेष दुनिया से कट जाता है और लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति रोष है। उन्होंने फूलचट़्टी में जल्द से जल्द पुल निर्माण की मांग उठाई है।

Global Ganga News

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