शीतकाल के लिए आज बंद होंगे हेमकुंड साहिब व लोकपाल तीर्थ के कपाट
The portals of Hemkund Sahib and Lokpal Tirath will close today for the winter season.

शीतकाल के लिए आज बंद होंगे हेमकुंड साहिब व लोकपाल तीर्थ के कपाट
सेना का बैंड, रागी बंधु व 4,000 से अधिक श्रद्धालु घांघरिया पहुंचे, पाकिस्तान के 40 श्रद्धालु भी इनमें शामिल, वर्षा व भारी बर्फबारी के चलते शुक्रवार को घांघरिया से 340 श्रद्धालु ही भेजे जा सके हेमकुंड साहिब, बाकी को घांघरिया में ही रोका
देहरादून, 09 अक्टूबर 2026: चमोली जिले की भ्यूंडार घाटी में स्थित हेमकुंड साहिब व लोकपाल तीर्थ के कपाट शनिवार को दोपहर दो बजे शीतकाल के लिए बंद कर
दिए जाएंगे। इस उत्सव को यादगार बनाने के लिए सेना बैंड के साथ ही रागी बंधु व 4,000 से अधिक श्रद्धालु घांघरिया पहुंच चुके हैं। इनमें पाकिस्तान से पहुंचा श्रद्धालुओं का 40 सदस्यीय जत्था भी शामिल है।
हेमकुंड साहिब में बर्फ की एक फीट मोटी चादर बिछ चुकी है। अटलाकोटी से हेमकुंड साहिब के बीच तीन किमी हिस्से में पैदल मार्ग भी बर्फ से लकदक है, जिसे हटाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो। वर्षा व भारी बर्फबारी के चलते शुक्रवार को 340 श्रद्धालु ही हेमकुंड भेजे गए। बाकी को घांघरिया में ही रोक दिया गया।
मौसम के बदले मिजाज के बीच भी हेमकुंड घाटी ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के उद्घोष से गुंजायमान है। श्रद्धालुओं में इस कदर उत्साह है कि उन्हें कड़ाके की ठंड का भी एहसास नहीं हो रहा। इस साल हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई व लोकपाल तीर्थ के कपाट 22 मई को खोले गए थे और अब तक 3.80 लाखश्रद्धालु यहां मत्था टेक चुके हैं। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि कपाट बंद होने के उत्सव में शामिल होने के लिए पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के साथ ही विदेश से भी श्रद्धालु घांघरिया पहुंच चुके हैं।

ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि पाकिस्तान के पेशावर से भी जत्थेदार पापेंद्र सिंह के नेतृत्व में 40 श्रद्धालु आए हुए हैं। सभी बर्फबारी को लेकर खासे उत्साहित हैं। बताया कि घांघरिया से श्रद्धालुओं के जत्थे शनिवार तड़के हेमकुंड के लिए रवाना किए जाएंगे।
आज के कार्यक्रम
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सुबह पांच बजे : घांघरिया से हेमकुंड के रवाना होंगे श्रद्धालु
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सुबह आठ बजे : हेमकुंड साहिब पहुंचेंगे श्रद्धालु
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सुबह 10 बजे : सुखमणी साहिब का पाठ
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सुबह 11:20 बजे : शबद-कीर्तन
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दोपहर 12:30 बजे : इस यात्राकाल की अंतिम अरदास
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दोपहर एक बजे : हुक्मनामा लेकर गुरु ग्रंथ साहिब को दीवान हाल से पंज प्यारों की अगुआई में सेना के बैंडों की मधुर धुनों के बीच सचखंड साहिब में किया जाएगा शोभित
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दोपहर दो बजे : बंद किए जाएंगे धाम के कपाट। इससे पूर्व निशान साहिब पर चोला बदला जाएगा




