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पहले ही उठ चुका था मां-बाप का साया, अब कच्ची छत भी जमींदोज हुई, सड़क पर आए तीन अनाथ भाई

The parents had already passed away, now the thatched roof also collapsed, leaving three orphaned brothers on the streets.

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पहले ही उठ चुका था मां-बाप का साया, अब कच्ची छत भी जमींदोज हुई, सड़क पर आए तीन अनाथ भाई

 

पछवादून की ग्राम पंचायत भीमावाला में कच्चे मकान में रहते थे तीनों भाई, माता-पिता का हो चुका है निधन, जीवन यापन का नहीं है कोई साधन, जैसे-तैसे हो रही थी गुजर, लेकिन कुदरत के कहर से एक अदद छत भी छिनी, घर का सारा सामान भी मलबे में हुआ दफन

देहरादून, 05 अगस्त 2026: देहरादून जिले के पछवादून क्षेत्र में बुधवार सुबह हुई मूसलधार बारिश ग्राम पंचायत भीमावाला के तीन अनाथ भाइयों पर आफत बनकर टूटी। मां-बाप का साया तो सिर से पहले ही उठ चुका था, अब तेज बारिश के चलते उनका मिट्टी से बना कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त तीनों भाई घर के अंदर मौजूद थे, लेकिन जैसे-तैसे बाहर निकलकर उन्होंने अपनी जान बचाई। हालांकि, घर में रखा सारा सामना मलबे में दफन हो गया।

भीमावाला के पूर्व प्रधान विनय ने बताया कि सुबह तेज बारिश के दौरान साहिल, उसके छोटे भाई इसराइल व हैदर का मकान अचानक जमींदोज हो गया। उस समय तीनों भाई घर के अंदर ही थे। उन्होंने बताया कि तीनों भाइयों के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। तब से वे अकेले इस कच्चे मकान में जीवन गुजार रहे थे। मकान गिरने के बाद तो उनके सामने सिर छिपाने का संकट भी खड़ा हो गया है। हालांकि, फिलहाल रिश्तेदारों उन्हें अपने यहां शरण दिए हुए हैं।

पूर्व ग्राम प्रधान विनय ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण तीनों भाई पहले से ही कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे थे। अब घर भी छिन जाने से उनकी दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया जाए और तीनों अनाथ भाईयों को
उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा सामान्य रूप से जीवन यापन कर सकें।

हादसे के बाद समाज सेवी गुलफाम अहमद ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बच्चे  प्रधानमंत्री आवास योजना में घर बनाने के लिए ब्लाक कार्यालय के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें आज तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया। जबकि आवास सूची में उनका नाम शामिल है। यदि उन्हें इस योजना का लाभ मिल जाता तो आज तीनों बच्चों को यह दिन नहीं देखने पड़ते। उन्होंने ब्लाक प्रशासन से बच्चों को जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें सिर ढकने के लिए एक अदद छत मिल सके।

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