क्राइम

17 साल पहले रुड़की जेल की दीवार फांदकर भागा, अब फिर सलाखों के पीछे

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देहरादून, 11 अक्टूबर 2025ः 17 साल से पुलिस को चकमा दे रहा एक शातिर अपराधी आखिरकार एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। वर्ष 2008 में रुड़की जेल की दीवार फांदकर फरार हुआ यह आरोपी अब एक बार फिर सलाखों के पीछे है। फरारी के दौरान इसने अपनी पहचान बदल ली थी और मोबाइल का इस्तेमाल तक नहीं किया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।

उत्तराखंड एसटीएफ ने नोएडा (उत्तर प्रदेश) एसटीएफ की मदद से इस इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान हरि सिंह उर्फ हरीश निवासी बागपत (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर के अनुसार, हरि सिंह वर्ष 2007 में रुड़की में मोबाइल की दुकानों में चोरी के चार मामलों में गिरफ्तार हुआ था। जेल में रहते हुए उसने भागने की योजना बनाई और 2008 में दीवार फांदकर फरार हो गया।

वह फर्जी नाम से पंजाब और हरियाणा में छिपकर रहने लगा। उसने कभी मोबाइल का उपयोग नहीं किया और अलग-अलग जगहों पर मजदूरी करते हुए अपनी पहचान छिपाए रखी, लेकिन उत्तराखंड एसटीएफ ने उसकी पुरानी गतिविधियों और नेटवर्क के आधार पर खुफिया जांच शुरू की। नोएडा एसटीएफ की मदद से उसे ट्रैक किया गया और गुरुवार को रुड़की क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ हरिद्वार जिले में गैंगस्टर एक्ट समेत छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब आरोपी से यह भी पूछताछ की जा रही है कि फरारी के दौरान उसने किन लोगों की मदद ली और किन राज्यों में शरण ली थी।

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