अध्यात्मउत्तराखंडऑफबीटतीर्थाटनधर्म-परम्पराएंपर्यटनराष्ट्रीयसंस्कृति

पांच सितंबर से ही होगी नंदा देवी की बड़ी जात

The big festival of Nanda Devi will be held from September 5th.

खबर को सुनें


पांच सितंबर से ही होगी नंदा देवी की बड़ी जात

इसी वर्ष बड़ी कराने के निर्णय पर अडिग है नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति, कुछ गांवों के हक-हकूकधारी कर रहे इसका विरोध, वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली श्री नंदा देवी राजजात के पक्ष में हैं ये हक-हकूकधारी

देहरादून, 09 अगस्त 2026: चमोली जिले के कुरुड़ से नंदा देवी बड़ी जात के आयोजन को लेकर चल रहे हक-हकूकधारियों में विरोधाभाषी बयानों के बीच बड़ी जात आयोजन समिति के पदाधिकारी आयोजन को पांच सितंबर से ही कराने पर अडिग हैं। समिति के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी इस संबंध में देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर उन्हें यात्रा में शामिल होने का न्योता भी दे चुके हैं।

नंदा देवी बड़ी जात का आयोजन पांच सितंबर से प्रस्तावित है। इस धार्मिक यात्रा में नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड़ से देवी नंदा और मां राजराजेश्वरी की डोलियां भी शामिल होनी हैं। बताया गया कि हक-हकूकधारी अलग-अलग बैठक कर यात्रा के आयोजन को लेकर अलग-अलग मत प्रकट कर रहे हैं। कुछ लोग वर्ष 2027 में होने वाली नंदा देवी राजजात में ही इस आयोजन को शामिल करने की बात कर रहे हैं, जबकि नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति ने बड़ी जात को इसी वर्ष तय समय पर कराने की बात कही है। हालांकि, सरकार स्तर पर भी मौसम के बदले मिजाज के बीच यात्रा आयोजन को लेकर वार्ता हो रही है।

नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत (सेनि) ने बताया कि आयोजन को लेकर तैयारियां हो चुकी हैं। हक-हकूकधारियों से बातचीत की जा रही है। कहा कि प्रशासन से यात्रा मार्गों को सुचारु रखने और निर्जन पड़ावों में क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत को लेकर वार्ता की गई है।

बता दें कि श्री नंदा देवी राजजात समिति ने मलमास के चलते इस वर्ष होने वाले राजजात के आयोजन को अगले वर्ष कराने का निर्णय लिया है। इसका दिनपट्टा अगले वर्ष वसंत पंचमी के दिन निकाला जाएगा। वहीं, बड़ी जात आयोजन समिति यात्रा को इसी वर्ष कराने पर अड़ी हुई है। उसका कहना है कि धार्मिक परंपराओं से छेड़छाड़ स्वीकार्य नहीं है। समिति ने बड़ी जात पांच सितंबर से आयोजित करने का निर्ण लिया है।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button