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उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में गिरे कंक्रीट ब्लाक से दबकर झारखंड के श्रमिक की मौत

A worker from Jharkhand died after being crushed by a concrete block that fell in the Silkarya tunnel in Uttarkashi.

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उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में गिरे कंक्रीट ब्लाक से दबकर झारखंड के श्रमिक की मौत

बड़कोट वाले छोर से सुरंग के 710 मीटर भीतर बुधवार मध्यरात्रि के बाद हुआ यह हादसा, हादसे के बाद निर्माण कंपनी के विरुद्ध श्रमिकों में आक्रोश, बंद किया गया सुरंग निर्माण का कार्य, उन्हें समझाने-बुझाने में जुटे हैं कंपनी के अधिकारी

देहरादून, 16 जुलाई 2026: यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बहुचर्चित सिलक्यारा-पोलगांव (बड़कोट) सुरंग में बुधवार रात गिरे कंक्रीट ब्लाक की चपेट में आकर झारखंड के एक श्रमिक की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित श्रमिकों ने सुरंग में निर्माण कार्य बंद कर दिया। निर्माण कंपनीके अधिकारी उन्हें समझाने-बुझाने में जुटे हैं। ढाई वर्ष पूर्व 12 नवंबर 2023 को दीपावली के दिन इस सुरंग की खोदाई के दौरान मलबा आने से 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। उन्हें बचाने में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां की मदद लेनी पड़ी। तब जाकर 17 दिन बाद सभी श्रमिक सुरक्षित निकाले जा सके थे।

निर्माण कंपनी नवयुग इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि हादसा शिफ्ट के दौरान बुधवार रात 12:40 बजे उस वक्त हुआ, जब कुछ श्रमिक सुरंग के बड़कोट छोर से करीब 710 मीटर की दूरी पर शाटक्रिटिंग वाले क्षेत्र के नीचे से गुजर रहे थे। यहां सुरंग को मजबूती देने के लिए कुछ ही समय पूर्व कंक्रीट का स्प्रे किया गया था। बताते हैं कि इसी दौरान 15 से 20 किलो का कंक्रीट ब्लाक भरभराकर नीचे आ गिरा और एक श्रमिक उसकी चपेट में आ गया। शिफ्ट इंचार्ज ने वाकी-टाकी के जरिये हादसे की सूचना दी, जिस पर सुरंग के अंदर पहले से मौजूद एक वाहन से घायल श्रमिक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट ले जाया गया, जहां उसे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि मृतक की पहचान झारखंड के ग्राम मोचरो (बोकारो) निवासी 22 वर्षीय नरेश गंझू के रूप में हुई है। हादसे के बाद से अन्य श्रमिकों में भारी रोष है और उन्होंने सुरंग निर्माण का कार्य अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। उन्हें मनाने के लिए कंपनी के अधिकारी जुटे हैं।

परिवार के सदस्यों को उत्तरकाशी ला रही कंपनी

निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि मृतक श्रमिक के परिवार के चार सदस्यों को उत्तरकाशी बुलाया गया है। चारों को झारखंड से दिल्ली तक हवाई जहाज का टिकट और  दिल्ली से सीधे बड़कोट के लिए कार उपलब्ध करवाई जा रही है। बताया कि कंपनी की इंश्योरेंस पालिसी के तहत मृतक के स्वजन को करीब 26 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

2023 में चर्चा में रही थी सिलक्यारा सुरंग

 

4.53 किमी लंबी यह सुरंग डबल-लेन है। इसमें 12 नवंबर 2023 को दीपावली के दिन सिलक्यारा वाले छोर पर भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। तब श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए देश-विदेश की एजेंसियों के सहयोग से व्यापक स्तर पर 17 दिन तक बचाव अभियान चलाया गया। उस दौरान यह अभियान और सुरंग राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में रहे थे। उत्तराखंड की इस सबसे लंबी सड़क सुरंग के बनने से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के बीच की दूरी न केवल 26 किमी कम हो जाएगी, बल्कि गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा भी सुरक्षित हो जाएगी।

Global Ganga News

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