मिलावटखोरी

बिना लाइसेंस या पंजीकरण के नहीं बेच सकेंगे कुट्टू का आटा

Buckwheat flour cannot be sold without license or registration

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बिना लाइसेंस या पंजीकरण के नहीं बेच सकेंगे कुट्टू का आटा

नवरात्र और त्योहारी सीजन को देखते हुए अलर्ट मोड पर एफ़डीए, मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी। थोक विक्रेताओं, डिपार्टमेंटल स्टोरों और छोटे-बड़े खुदरा विक्रेताओं की होगी पहचान। FDA ने हर जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन करने का दिया निर्देश। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न किया तो होगी सख्त कार्रवाई।

देहरादून, 12 सितंबर 2025 :  त्योहारी सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब कुट्टू का आटा बेचने के लिए लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य होगा। यह फैसला उपभोक्ताओं की सेहत को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने इस संबंध में एक विस्तृत कार्ययोजना (SOP) जारी की है।
FDA आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि नवरात्र के उपवास में बड़े पैमाने पर उपयोग होने वाले कुट्टू के आटे की बिक्री अब केवल लाइसेंस और पंजीकरण के साथ ही की जा सकेगी। इसके साथ ही, आटे को केवल पैकिंग में ही बेचा जाएगा ताकि मिलावट को रोका जा सके और ग्राहकों को सुरक्षित उत्पाद मिले। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चरणबद्ध अभियान की रूपरेखा

पहला चरण: नवरात्र से पहले थोक विक्रेताओं, डिपार्टमेंटल स्टोरों और छोटे-बड़े खुदरा विक्रेताओं की पहचान की जाएगी। उनकी दुकानों पर आटे की जांच की जाएगी और उचित रख-रखाव, भंडारण और लेबलिंग को लेकर बैठकें की जाएंगी।
दूसरा चरण: नवरात्र के शुरू होने से पहले और त्योहार के दौरान इन चिह्नित प्रतिष्ठानों का अचानक निरीक्षण किया जाएगा।

कड़े नियम और निगरानी

नए नियमों के अनुसार, खुले में कुट्टू का आटा बेचना प्रतिबंधित होगा। पैकेट पर पैकिंग तिथि, अंतिम उपयोग की तिथि, निर्माता का पता और लाइसेंस नंबर जैसी जानकारियां अनिवार्य होंगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी कुट्टू के आटे की बिक्री पर विशेष नजर रखी जाएगी। सभी कारोबारियों के लिए कुट्टू के बीज या आटे की खरीद-बिक्री का लिखित रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए एक समन्वित और सख्त कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर छोटे या बड़े किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए, FDA ने हर जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन करने का भी निर्देश दिया है। यह टीम कुट्टू का आटा खाने से बीमार होने की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि अगर उन्हें कहीं मिलावट का शक हो तो वे तुरंत FDA को सूचित करें।

Global Ganga News

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