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सावधान! पतंजलि का तेल और अमूल का दही जांच में फेल

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देहरादून, 31 अक्टूबर 2025: योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि और और देशभर में विश्वसनीय ब्रांड माने जाने वाले अमूल के उत्पादों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में पतंजलि का रिफाइंड तेल शुद्धता के मानकों पर खरा नहीं उतरा। अमूल के दही का नमूना भी अधोमानक पाया गया है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में की गई, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद उत्तराखंड के एफडीए अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं, क्योंकि यहां भी पतंजलि और अमूल दोनों ब्रांड्स की व्यापक मांग है।

1260 लीटर रिफाइंड तेल जब्त

एफएसडीए के सहायक आयुक्त डा. सुधीर कुमार सिंह के अनुसार, 29 अप्रैल को गोरखपुर के बेलीपार क्षेत्र के चनऊ उर्फ बेतऊवा में स्थित पतंजलि के सुपर डीलर तेजस्वी ट्रेडर्स के गोदाम पर छापा मारा गया था। छापेमारी के दौरान 1260 लीटर रिफाइंड, सोयाबीन और पाम तेल जब्त किया गया। यह तेल टूटे और दबे हुए टिन से निकालकर प्लास्टिक के ड्रमों में भरा गया था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। गोदाम से मधु, हल्दी, धनिया और अन्य मसालों के नमूने भी लिए गए थे। हालिया प्रयोगशाला रिपोर्ट में तेल का नमूना फेल घोषित कर दिया गया है, यानी यह उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले ही गुणवत्ता परीक्षण में असफल हो गया।

अमूल का दही भी फेल

इसी दौरान एफएसडीए टीम ने सितंबर में गोलघर क्षेत्र में एक वाहन को रोककर अमूल ब्रांड के दही के नमूने लिए थे। ताजा जांच रिपोर्ट में यह दही भी मानक से नीचे पाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अगली कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अमूल का कारोबार 90 हजार करोड़ रुपए से अधिक का है, जबकि पतंजलि के विभिन्न उत्पादों का टर्नओवर 40 हजार करोड़ रुपए के करीब है। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में लोग इन नामी कंपनियों के उत्पादों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में उत्पादों का कम गुणवत्ता या अधोमानक पाया जाना बड़े सवाल खड़े करता है।

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