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जानी-मानी कथाकार कुसुम भट्ट को मिला ‘आरब्ध’ सम्मान

Renowned storyteller Kusum Bhatt receives the ‘Aarabdh’ Award.

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जानी-मानी कथाकार कुसुम भट्ट को मिला ‘आरब्ध’ सम्मान

समारोह में ‘आरब्ध’ पत्रिका का लोकार्पण भी हुआ, काव्य गोष्ठी ने रंग जमाया, रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर व्यक्त की अपनी भावनाएं


देहरादून, 06 सितंबर 2026 : हिंदी की जानी-मानी कथाकार कुसुम भट्ट को राजधानी देहरादून में आयोजित एक समारोह में  ‘आरब्ध’ सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर मासिक पत्रिका ‘आरब्ध’ के नए अंक का लोकार्पण भी हुआ। समारोह के पश्चात कविता व गीतों की रसधार भी बही।

रिस्पना के पास एक होटल में आयोजित समारोह में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय  के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र (लोक एवं रंगमंच विभाग) के निदेशक एवं कवि गणेश खुगशाल गणी, केंद्र के पूर्व निदेशक, शोधकर्ता, लोक संस्कृति विशेषज्ञ और रंगमंच कर्मी  प्रो.डीआर पुरोहित, साहित्यकार डा. नंदकिशोर हटवाल,  कवि, लेखक एवं समाजशास्त्रीय विचारक डा. ईशान पुरोहित ने कथाकार कुसुम भट्ट को ‘आरब्ध’ सम्मान प्रदान किया। कवयित्री कांता घिल्डियाल ने कथाकार कुसुम भट्ट का परिचय पढ़ा। संचालन ज्योत्स्ना जोशी ने किया।

समारोह में कवि गणेश खुगशाल गणि ने कहा कि ‘आरब्ध’ का प्रकाशन हिंदी और आंचलिक भाषाओं को एक साथ समझने का सुनहरा अवसर है। कथाकार कुसुम भट्ट ने कहा कि जब हम लिखते हैं, तब सिर्फ अच्छा लिखने की ओर ध्यान होना चाहिए। क्योंकि समाज हमारा मूल्यांकन करता है। अध्यक्षता करते हुए प्रो. डीआर पुरोहित ने कहा कि यह पत्रिका साहित्यकारों को लिखने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान कर रही है। इसके माध्यम से नवलेखन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। डा. नंदकिशोर हटवाल ने कहा कि ईशान पुरोहित मूलरूप से वैज्ञानिक हैं, साथ ही उनकी रुचि साहित्य में भी है। यह निश्चित रूप से सुखद अनुभूति है।

 इस मौके पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवि मदन मोहन डुकलान, कवयित्री कान्ता घिल्डियाल, बीना बेंजवाल, मधुरवादिनी तिवारी, नंदन राणा नवल, कविता भट्ट, बेलीराम कंसवाल व निक्की पुष्कर ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम में  साहित्यकार योगेश धस्माना, ओम प्रकाश जमलोकी, गुंजन पुरोहित, सत्यानंद बडोनी, गिरीश सुंदरियाल, अनिल नेगी, रमाकांत बेंजवाल आदि उपस्थित रहे।

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