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धामी बोले,  जनता की अपेक्षाओं का ध्यान रखें नौकरशाह

Dhami said, bureaucrats should keep in mind the expectations of the public

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धामी बोले,  जनता की अपेक्षाओं का ध्यान रखें नौकरशाह

देहरादून, 23 नवंबर 2025 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईएएस अधिकारियों को स्पष्ट नसीहत दी कि प्रत्येक निर्णय राज्य के लक्ष्य और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर ही लिया जाए। मुख्यमंत्री आवास में शनिवार को आयोजित आईएएस अधिकारियों की अनौपचारिक बैठक में उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच वर्ष उत्तराखंड के लिए निर्णायक हैं और इस दशक को राज्य के विकास दशक में बदलने की ज़िम्मेदारी प्रशासनिक तंत्र पर ही है।

धामी ने दोटूक कहा कि शासन की रफ्तार जनता की उम्मीदों से मेल खानी चाहिए। फाइलों में देरी और अनावश्यक उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इनसे व्यवस्था और प्रशासन की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को मासिक समीक्षा, नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवाद औपचारिक संबोधन नहीं, बल्कि उत्तराखंड को बेहतर बनाने के लिए आत्मीय विचार-विमर्श का अवसर है। उन्होंने दोहराया— “ये दशक उत्तराखंड का है।” बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

पद कुछ वर्षों का, पर कामों का सम्मान आजीवन

सीएम धामी ने कहा कि प्रशासनिक पद केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का अवसर है। पद की गरिमा सीमित अवधि तक होती है, लेकिन कामों का सम्मान जीवनभर कायम रहता है। जनता की शिकायतें प्रशासन की छवि को आहत करती हैं, इसलिए हर अधिकारी को संवेदनशील, जवाबदेह और जन-केंद्रित रहना होगा।

विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़े
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए तेज़, पारदर्शी और लक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनानी होगी। उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी से स्पष्ट अपेक्षा जताई कि विकास पथ पर विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।

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