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भगवान भविष्य बदरी भी हुए जागृत, खुले धाम के कपाट

Lord Bhavishya Badri also awakened, the doors of the Dham opened

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भगवान भविष्य बदरी भी हुए जागृत, खुले धाम के कपाट

देहरादून, 23 अप्रैल, 2026:  जोशीमठ-नीती हाईवे पर सुभांई गांव में स्थित भविष्य बदरी धाम के कपाट भी बदरीनाथ धाम के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के साथ ही भविष्य बदरी धाम के कपाट खोले और बंद किए जाते हैं।

कपाट खोलने की प्रक्रिया पुजारी संजय डिमरी ने संपन्न की। मान्यता है कि जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में विराजमान भगवान नृसिंह की शालिग्राम मूर्ति की बायीं कलाई निरंतर पतली हो रही है। स्कंद पुराण के केदारखंड में उल्लेख है कि जिस दिन यह कलाई टूट जाएगी, उस दिन बदरीनाथ राजमार्ग पर विष्णु प्रयाग के पास जय-विजय नामक पर्वत आपस में मिल जाएंगे और बदरीनाथ धाम की राह हमेशा के लिए अवरुद्ध हो जाएगी। तब भगवान बदरी नारायण भविष्य बदरी धाम में ही अपने भक्तों को दर्शन देंगे। उधर, माणा गांव के पास माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खुल गए। इस मौके पर मंदिर के पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी समेत हक-हकूकधारी मौजूद रहे।

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