उत्तराखंडऑफबीटजागरूकतायूथराष्ट्रीयलोकार्पणशिक्षासम्मान

आईआईएम काशीपुर में शुरू हुआ ‘हिंदी माह 2026’, पुस्तक प्रदर्शनी का हुआ लोकार्पण 

'Hindi Month 2026' begins at IIM Kashipur; book exhibition inaugurated.

खबर को सुनें


आईआईएम काशीपुर में शुरू हुआ ‘हिंदी माह 2026’, पुस्तक प्रदर्शनी का हुआ लोकार्पण

  • निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने हिंदी को ज्ञान, शोध और संवाद की भाषा के रूप में सशक्त बनाने का किया आह्वान

  • महीनेभर चलने वाले इस आयोजन के दौरान आयोजित होंगी निबंध लेखन, कविता लेखन, सामान्य ज्ञान और आशु भाषण जैसी प्रतियोगिताएं

देहरादून, 01 सितंबर 2026: मंगलवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में ‘हिंदी माह 2026’ का शुभारंभ हुआ। एक से 30 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस हिंदी माह का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, डीन (अकादमिक्स) प्रो. केएन बधानी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय कुमार उपाध्याय (सेवानिवृत्त) और पुस्तकालय प्रमुख एवं हिंदी अधिकारी डॉ. मोहम्मद आसिफ खान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।इस अवसर पर संस्थान की वेबसाइट के हिंदी विभाग के नए वेब पेज का लोकार्पण और पुस्तकालय परिसर में एक विशेष हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ भी हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों से हिंदी माह की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्थान अपनी सांस्कृतिक विरासत और जीवन-मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कर्नल अजय कुमार उपाध्याय (सेवानिवृत्त) ने हिंदी के व्यापक प्रयोग, डिजिटल प्रगति और वैश्विक स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए दैनिक जीवन एवं कार्यशैली में हिंदी में सोचने, लिखने और संवाद करने की आदत विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने भाषा को अधिक समावेशी बनाने का सुझाव दिया।

डीन (अकादमिक्स) प्रो. केएन बधानी ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के योगदान को रेखांकित करते हुए विभिन्न बोलियों व संस्कृतियों के स्वाभाविक समावेश को हिंदी की समृद्धि का आधार बताया। पुस्तकालय प्रमुख एवं हिंदी अधिकारी डॉ. मोहम्मद आसिफ खान ने हिंदी को अतीत की विरासत के साथ-साथ शोध, अध्ययन और संवाद की आधुनिक भाषा के रूप में विकसित करने का विचार रखा।

महीने भर चलने वाले इस आयोजन के दौरान निबंध लेखन, कविता लेखन, सामान्य ज्ञान और आशु भाषण जैसी विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। आशु भाषण प्रतियोगिता में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी सहभागिता का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, पुस्तकालय में आयोजित प्रदर्शनी में साहित्यिक कृतियों के साथ-साथ प्रबंधन, विज्ञान और आधुनिक विषयों की हिंदी पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button