दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गई बुजुर्ग महिला, बचाई जान
Elderly woman fought with leopard with sickle, saved her life

दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गई बुजुर्ग महिला, बचाई जान
हमले में हुईं घायल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में भर्ती, गुलदार के हमले के बाद से गांव में दहशत, मौके पर पहुंचे वनकर्मी
देहरादून, 29 जुलाई 2026: रुद्रप्रयाग जिले के अंतर्गत अगस्त्यमुनि विकासखंड के पठालीधार क्षेत्र में घास लेने जंगल गई कोटी गांव निवासी 64 वर्षीय नारायणी देवी पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। लेकिन, वह घबराने के बजाय हिम्मत का परिचय देते हुए दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गईं। नतीजा गुलदार उन्हें छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। नारायणी देवी को कई जख्म आए हैं। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को नारायणी देवी घर से करीब 300 मीटर दूर जंगल में घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से नारायणी देवी घबराईं नहीं, बल्कि हिम्मत दिखाते हुए दरांती से गुलदार के मुंह और शरीर पर लगातार वार करने लगीं। इससे गुलदार घबरा गया और मौके से भाग निकला। इसके बाद किसी तरह वह घर पहुंचीं और स्वजन व ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। हमले के दौरान गुलदार के नाखून लगने से नारायणी देवी के हाथ और पैरों में जख्म आए हैं।
स्वजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें 24 घंटे के लिए निगरानी में रखा है। चिकित्सक डा. प्रियांशी के अनुसार महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। नारायणी देवी के पुत्र पंकज सिंह ने बताया कि गांव में इस तरह की यह पहली घटना है। उनका कहना है कि जंगलों में गुलदार की बढ़ती सक्रियता के कारण अब पशुओं के लिए चारा लाना भी जोखिम भरा हो गया है। वहीं गुलदार के हमले के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी दिवाकर पंत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बताया कि महिला पर उस समय हमला हुआ, जब वह जंगल में घास काट रहीं थीं। क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त, गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।




