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जयघोष के बीच निज धाम में विराजे बाबा केदार

Baba Kedar is seated in his abode amidst chants of victory

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जयघोष के बीच निज धाम में विराजे बाबा केदार

रुद्रप्रयाग जनपद में समुद्रतल से 11,657 फीट की ऊंचाई पर है बाबा केदार का धाम, यहां छह माह दर्शन देते हैं भगवान, शीतकाल के छह माह ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर धाम में होती है बाबा केदार की पूजा

देहरादून, 22 अप्रैल 2026: पांचवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ बुधवार को केदारपुरी में विराजमान हो गए। रुद्रप्रयाग जनपद में समुद्रतल से 11,657 फीट की ऊंचाई पर 51 क्विंटल फूलों से सुसज्जित मंदिर के कपाट बाबा केदार के जयघोष के बीच सुबह आठ बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस पावन मौके पर 38 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के प्रथम दर्शन किए। केदारनाथ यात्रा के इतिहास में पहले दिन दर्शन करने वालों की यह सबसे बड़ी संख्या है।

केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे शुरू हुई। बाबा की पूजा-अर्चना के बाद पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली सेना के सिख रेजिमेंट बैंड की मधुर लहरियों के बीच भंडारगृह से मंदिर परिसर पहुंची और फिर विधि-विधान से धाम के कपाट खोले गए। सबसे पहले रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी टी.गंगाधर लिंग, धर्माचार्य व वेदपाठियों ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया और देव आह्वान एवं लोक कल्याण के संकल्प के साथ बाबा की पहली पूजा संपन्न की।

परम्परा के अनुसार अभी केदारपुरी के रक्षक बाबा भुकुंट भैरव मंदिर के कपाट खुलने तक मंदिर में शाम की आरती नहीं होगी। केदारपुरी की बायीं पहाड़ी पर लगभग एक किमी दूर स्थित भैरव मंदिर के कपाट शनिवार को खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद पड़ने वाले पहले शनिवार या मंगलवार को भैरव मंदिर के कपाट खोलने का विधान है।

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