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घास काट रही थी महिला, गुलदार ने मार डाला, शव छोड़कर भागा

Woman cutting grass killed by leopard; animal fled after abandoning the body.

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घास काट रही थी महिला, गुलदार ने मार डाला, शव छोड़कर भागा

शाम पांच बजे के आसपास की है घटना, घर के समीप घास काट रही थी महिला, गुलदार ने गले व गर्दन पर किया हमला, ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ आक्रोश, विभाग का दावा कि चारों तरफ लगाए जा रहे हैं ट्रैप कैमरा

देहरादून, 09 अक्टूबर 2026: पौड़ी-श्रीनगर के बीच खंडाह क्षेत्र के बछेली गांव में शुक्रवार शाम गुलदार ने एक महिला को मार डाला। महिला का शव घटनास्थल से करीब 15 मीटर दूर मिला। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने पहले शव नहीं उठाने देने की बात कही, लेकिन बाद में आपसी सहमति पर शव को घर पर लाया गया। ग्रामीणों ने गुलदार को तत्काल आदमखोर घोषित कर माैत के घाट उतारने की मांग की है।

क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार सक्रियता बनी हुई है। शाम करीब पांच को पौड़ी गढ़वाल वन प्रभाग की नागदेव रेंज में पड़ने वाले बछेली गांव की 48 वर्षीय बीना देवी घर के पास ही खेत में घास काट रहीं थी। कुछ दूरी पर अन्य तीन लोग भी घास काट रहे थे, जिनमें पति-पत्नी नीचे के खेत और एक अन्य महिला ऊपरी खेत में थी। बीना देवी इनके मध्य में थी। इसी दौरान दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने महिला पर झपट्टा मार दिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पातीं, गुलदार ने उनकी गर्दन दबोच ली और घसीटकर ले जाने लगा।  लेकिन, नीचे के खेत में मौजूद दंपती को देख गुलदार पीछे की तरफ मुड़ते हुए खेत के ऊपर की ओर खिसकने लगा। ऐसे में ऊपरी खेत में पहले से मौजूद घास काट रही महिला को कुछ आभास हुआ कि नीचे के खेत में कोई वन्य जीव है। उन्होंने  बीना देवी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, सो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। इसके साथ ही गांव में भी शोर मच गया, जिससे गुलदार महिला के शव को छोड़कर भाग गया।

ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह गुसाईं ने बताया कि गुलदार ने महिला के गले व गर्दन पर हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना है। करीब एक घंटे तक शव के साथ ग्रामीणों ने घटनास्थल पर वन विभाग के प्रति रोष जताते हुए गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने की मांग की। साथ ही मृत महिला के इकलौते पुत्र को रोजगार देने की भी मांग उठाई। प्रधान ने बताया कि ग्रामीणों ने आपसी सहमति पर शव को घटनास्थल से घर पर पहुंचाया। वहीं, गढ़वाल के डीएफओ महातीम यादव ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए गांव में जरूरी उपकरण के साथ टीम तैनात कर दी गई है। घटनास्थल से लेकर आसपास के क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाए जा रहे हैं।

बीना घास बेचकर करती थीं परिवार की गुजर

प्रधान कुलदीप सिंह गुसाईं ने बताया कि बीना देवी के पति बालमुकुंद सिंह रावत की मृत्यु करीब 25 वर्ष पूर्व तब हो गई थी, जब वे गर्भवती थीं। बीना देवी ने घास बेचकर अपने इकलौते बेटे अरविंद की परवरिश की। कुछ समय पूर्व से अरविंद श्रीनगर गढ़वाल में किसी दुकान में काम करने लगा था, जिससे घर पर कुछ आमदानी आने लगी थीं। लेकिन, इस घटना ने फिर उसके जीवन में अंधकार कर दिया है।

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