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शिव-पार्वती के विवाह इस पावन धाम में अब तक 2.32 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

So far, 2.32 lakh devotees have visited this holy shrine where Shiva and Parvati are married.

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शिव-पार्वती के विवाह इस पावन धाम में अब तक 2.32 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

मान्यता के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर में हुआ था भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह,  अब डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए नवयुगल की पहली पसंद बनकर उभर रहा यह धाम

देहरादून, 05 अगस्त 2026: केदारघाटी में स्थित त्रियुगीनारायण धाम इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनकर उभरा है। भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध इस पावन धाम में इस वर्ष अब तक दो लाख 32 हजार 738 श्रद्धालु दर्शन को पहुंच चुके हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अखंड धूनी, प्राचीन मंदिर और पौराणिक कुंडों के दर्शन कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।

मान्यता है कि रुद्रप्रयाग जिले में स्थित इस पावन स्थल में भगवान शिव और माता पार्वती परिणय सूत्र में बंधे थे, जिसके साक्षी स्वयं भगवान विष्णु और ब्रह्माजी रहे। विवाह के समय प्रज्वलित की गई पवित्र अग्नि आज भी मंदिर परिसर में अखंड धूनी के रूप में निरंतर जल रही है। यही वजह है कि नवविवाहित दंपत्ती और विवाह के इच्छुक युवा विशेष रूप से यहां पहुंचना अपना सौभाग्य समझते हैं। केदारनाथ यात्रा पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालु भी त्रियुगीनारायण आना नहीं भूलते। यहां स्थित ब्रह्म कुंड, रुद्र कुंड, विष्णु कुंड और सरस्वती कुंड का धार्मिक महत्व भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। मान्यता है कि इन पवित्र कुंडों में स्नान और पूजा-अर्चना करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहती है।

मंदिर समिति के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी बताते हैं कि 22 अप्रैल से अब तक एक लाख 11 हजार 530 पुरुष, एक लाख एक हजार 477 महिलाएं और 19,731 नौनिहाल धाम में दर्शन कर चुके हैं। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए थे। व्यापार संघ अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सेमवाल कहते हैं कि सरकार यदि
तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां पार्किंग, पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, आवास और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करे तो इससे धाम को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान मिल सकेगी। साथ ही स्थानीय आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।

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