Blogउत्तराखंडऑफबीटबैठक

पुशोला को यूएनसीए की कमान, मुकेश बने सचिव

Pushola takes charge of UNCA, Mukesh becomes secretary

खबर को सुनें


पुशोला को यूएनसीए की कमान, मुकेश बने सचिव

एसोसिएशन को पुनः सक्रिय करने का भी लिया गया निर्णय, कैमरामैन एवं फोटोग्राफर्स की कार्यकुशलता और प्रतिभा को निखारने के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं और फोटो-वीडियो प्रदर्शनियां भी आयोजित करेगी एसोसिएशन

​देहरादून, 22 जुलाई 2026: वरिष्ठ छायाकार राजू पुशोला उत्तराखंड न्यूज़ कैमरा मैन्स एसोसिएशन (यूएनसीए) के अध्यक्ष होंगे। यूएनसीए की उत्तरांचल प्रेस क्लब में हुई आमसभा में उन्हें सर्वसम्मति से यह जिम्मेदारी सौंपी गई। जबकि, मुकेश राजपूत को सचिव बनाया गया है। इस मौके पर एसोसिएशन को पुनः सक्रिय करने का निर्णय भी लिया गया।

अन्य पदाधिकारियों में जितेंद्र पेटवाल उपाध्यक्ष, कैलाश कंडवाल कोषाध्यक्ष व अफ़ज़ल अहमद सह-सचिव शामिल हैं। अमित शर्मा व हर्ष उनियाल कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। सभी का चुनाव सर्वसम्मति से हुआ। आमसभा में संकल्प लिया गया कि एसोसिएशन अपने सदस्यों के कल्याण के लिए निरंतर और प्रभावी कार्य करेगी। साथ ही कैमरामैन एवं फोटोग्राफर्स की कार्यकुशलता और प्रतिभा को निखारने के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं और फोटो-वीडियो प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजू पुशोला ने यूएनसीए के सभी सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी संस्था को आगे बढ़ाने और कैमरामैन व फोटोग्राफर्स के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य जितेंद्र नेगी, विनोद पुंडीर, मंगेश कुमार, राजीव गुप्ता, राजेश बड़थ्वाल, नवीन कुमार, सुकांतो मुखर्जी, संदीप बडोला, संजय नेगी, प्रवीण डंडरियाल, रूपेश नेगी, दयाल सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button