Blog

हमारी बात

Our point of view

खबर को सुनें


साथियों,

Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। ऐसा कहकर हम आपको बहला और टहला नहीं रहे, बल्कि इसके पीछे हमारा स्पष्ट दृष्टिकोण है, जो विपरीत से विपरीत परिस्थिति में भी हमारे कदम डगमगाने नहीं देगा। यह ठीक है कि वेब पोर्टल बनाने के पीछे हमारी सोच एक आर्थिक विकल्प खड़ा करने की है, लेकिन इसके मायने यह कतई नहीं कि हम पत्रकारीय सरोकारों से मुंह मोड़ लेंगे। सच कहें तो हमने इस रास्ते पर चलना सीखा ही नहीं है और न कभी ऐसी हिमाकत ही करेंगे। ये वादा रहा।

हमारे पास ऐसे तमाम विषय हैं, जिन पर अव्वल तो सारगर्भित लिखा ही नहीं गया और कहीं कुछ संदर्भ मिलता भी है तो फुटकर में। यकीन जानिए इन विषयों पर गंभीरता पूर्वक लिखा जाए तो नए प्रतिमान गढ़े जा सकते हैं और यह रास्ता भी अंततः आर्थिक समृद्धि की ओर ही खुलता है। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। देखा जाए तो तभी इस जीवन की सार्थकता भी है।

आप सवाल कर सकते हैं कि हम ऐसी क्या नई बात बोल रहे हैं, जो हम जैसे और नहीं बोलते। ऐसा सवाल किया भी जाना चाहिए। लोक के हित में। अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के हित में और परिचय में पहाड़ जुड़ा होने के बावजूद बहाव की दिशा में बहे जा रहे उत्तराखंडी समाज के हित में। हम भली-भांति जानते हैं कि सवाल इंसान के जिंदा होने का प्रमाण होते हैं। सवाल न हों तो भेड़ और भीड़ में कोई अंतर नहीं। इसलिए आपका हर सवाल सिर-माथे पर। यकीन जानिए, आपके यह सवाल ही हमारा संबल बनेंगे और हमें बेहतर से बेहतर करने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे।

अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो।

संपादक

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button