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उत्तराखंड के फुटबॉलर अनिरुद्ध थापा पहली बार ब्राजील के खिलाफ भारतीय टीम से खेलेंगे फ्रेंडली मैच

Uttarakhand footballer Anirudh Thapa will play a friendly match for the Indian team against Brazil for the first time.

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उत्तराखंड के फुटबॉलर अनिरुद्ध थापा पहली बार ब्राजील के खिलाफ भारतीय टीम से खेलेंगे फ्रेंडली मैच

आगामी तीन अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में होगा मुकाबला, अनिरुद्ध का इस मुकाबले में उतरना पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय, राज्य के हजारों युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी उनकी यह उपलब्धि

देहरादून, 12 सितंबर 2026 : आगामी तीन अक्टूबर  को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत और ब्राजील की फुटबॉल टीम के बीच होने वाले फ्रेंडली मैच में उत्तराखंड के अनिरुद्ध थापा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय टीम वर्तमान में फीफा रैंकिंग में 134वें स्थान पर है और विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी। ऐसे में ब्राजील जैसी मजबूत एवं विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ खेलने का अवसर भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। उत्तराखंड से इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले तक पहुंचने वाले खिलाड़ी के रूप में अनिरुद्ध की उपलब्धि राज्य के हजारों युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी।

युवा खिलाड़ियों के लिए मिसाल

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कोच वीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि अनिरुद्ध ने वर्ष 2012 से 2026 तक लगातार 14 वर्षों तक फुटबॉल के क्षेत्र में सक्रिय रहकर भारतीय टीम और प्रोफेशनल क्लब फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई है। अनिरुद्ध ने जिस प्रकार वर्ष 2012 में देहरादून से अपने सफर की शुरुआत की और 14 वर्षों की निरंतर मेहनत के बाद भारतीय टीम के साथ ब्राजील जैसी विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ खेलने का मुकाम हासिल किया, वह युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल है। विदित हो कि वर्ष 2012 में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF), नई दिल्ली की ओर से देहरादून में AIFF अकादमी के लिए पहली बार फुटबॉल ट्रायल आयोजित किए गए थे। इस ट्रायल में लगभग 265 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इनमें से संस्थापक कोच वीरेन्द्र सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले दो खिलाड़ियों दीपेन्द्र सिंह नेगी व अनिरुद्ध थापा का चयन हुआ।

2013 में काठमांडू में भारत को दिलाया स्वर्ण

AIFF में चयन के बाद अनिरुद्ध ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने भारतीय टीम में मिडफील्डर की भूमिका निभाते हुए जुलाई 2013 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित अंडर-16 SAFF इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और उसे स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अनिरुद्ध की इस उपलब्धि और उनके कोच के योगदान को देखते हुए दिसंबर 2015 में उत्तराखंड सरकार की ओर से दोनों को नकद धनराशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके बाद भी अनिरुद्ध थापा का सफर लगातार जारी रहा। उन्होंने अंडर-20 और सीनियर/ओपन एज भारतीय टीम में खेलते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने इंडियन सुपर लीग (ISL) के कई बड़े क्लबों के लिए खेलकर अपनी पहचान बनाई और विभिन्न टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की।

मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण अनिरुद्ध की पहचान

कोच वीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि अनिरुद्ध अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान देते हैं। वह शांत स्वभाव के हैं, कम बोलते हैं और उनका पूरा ध्यान अपने खेल पर रहता है। उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्हें बेहद खुशी है कि अनिरुद्ध अपने फुटबॉल करियर में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। अब उन्हें एक और ऐतिहासिक अवसर मिलने जा रहा है। रावत के अनुसार यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि उत्तराखंड का एक खिलाड़ी ब्राजील जैसी विश्वस्तरीय फुटबॉल टीम के खिलाफ भारतीय टीम की ओर से मैदान पर उतरेगा।

खेलों के विकास को समर्पित कोच रावत का जीवन

संस्थापक कोच रावत ने अनिरुद्ध को इस ऐतिहासिक अवसर के लिए ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय टीम ब्राजील के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करेगी और अनिरुद्ध अपने खेल से देश एवं उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे। बता दें कि रावत ने अपना पूरा जीवन खेलों के विकास के लिए समर्पित किया है। उन्होंने उत्तराखंड में हजारों युवा खिलाड़ियों, कोचों और रेफरियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह कार्य निरंतर जारी है।

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