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तप्तकुंड में 108 डुबकी लगाने का संकल्प पड़ गया जीवन पर भारी,  दो बहनों की जान

Vow to take 108 dips in Taptkund proves fatal; two sisters lose their lives.

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तप्तकुंड में 108 डुबकी लगाने का संकल्प पड़ गया जीवन पर भारी,  दो बहनों की जान

बदरीनाथ धाम स्थित तप्त कुंड में डुबकियां लगाते हुए हो गईं बेहोश,  राजस्थान के भीलवाड़ा से सौ सदस्यीय यात्री दल के साथ बदरीनाथ दर्शन को पहुंचीं थीं दोनों बहनें

देहरादून, 11 सितंबर 2026: बदरीनाथ धाम स्थित तप्तकुंड में स्नान के दौरान भीलवाड़ा (राजस्थान) की दो बुजुर्ग बहनों की मौत हो गई। दोनों 108 डुबकी लगाने के संकल्प के साथ तप्तकुंड में उतरी थीं, लेकिन कुछ ही देर में अचानक बेहोश हो गईं। इससे पहले कि उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता, दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों राजस्थान से बदरीनाथ धाम आए 100 सदस्यीय दल में शामिल थीं। यह दल धाम में बीते चार सितंबर से प्रवास कर रहा है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार तड़के चार बजे 71 वर्षीय रामू देवी  व 63 वर्षीय प्रेम देवी साथ आईं दो अन्य महिलाओं भगवती देवी व सोहनी देवी के साथ तप्तकुंड में स्नान करने उतरीं। उन्होंने तप्तकुंड में 108 डुबकी लगाने का संकल्प लिया था। भगवती देवी व सोहनी देवी ने तो 108 डुबकी लगाकर संकल्प पूरा कर लिया, लेकिन दो सगी बहनें रामू देवी व प्रेम देवी डुबकी लगाते-लगाते कुंड में ही बेहोश हो गईं।

चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि एसडीआरएफ और पुलिस की टीम दोनों को एंबुलेंस से धाम में स्थित अस्पताल ले गई, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला चिकित्सालय गोपेश्वर के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. अनुराग धनिक के अनुसार, गंधक के गर्म पानी में बार-बार डुबकी लगाने के साथ ही आक्सीजन की कमी बेहोशी या जानलेवा बन सकती है।

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