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बैंड-बाजा और बारात के बीच आ गयी पुलिस

Police came between the band and the procession

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बैंड-बाजा और बारात के बीच आ गयी पुलिस

आयोजकों को दी हिदायत धार्मिक भावनाओं का रखें ख्याल

देहरादून, 5 सितंबर 2025 : महानगरों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा बिना दूल्‍हा-दुल्‍हन के शादियों का ट्रेंड अब देहरादून तक आ पहुंचा है। इसी क्रम में “Band Baaja Baarat – Fake Wedding” नाम से एक अनोखा कार्यक्रम 6 सितंबर को देहरादून के एक माल में आयोजित होने वाला था। इस आयोजन में सब कुछ एक शादी जैसा होता—बैंड-बाजा, बारात, सजावट, रस्में, लेकिन बिना दूल्हा-दुल्हन के। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन और लोगों को एक अलग तरह का अनुभव देना था।
शहर में अपनाा रंग जमाने से पहले ही यह अनोखी पहल विवादों में घिर गई। कुछ धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने कार्यक्रम को लेकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजन विवाह परंपरा का मज़ाक उड़ाते हैं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। विरोध को बढ़ता देख प्रशासन और पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कार्यक्रम को रद्द करवा दिया।
पुलिस ने आयोजकों से बातचीत के बाद यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसा कोई आयोजन न किया जाए, जिससे धार्मिक या सांप्रदायिक भावनाएं आहत हों। आयोजकों को यह भी स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि उनके कार्यक्रमों से शहर की शांति व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को कोई खतरा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल, सेफ्टी मानकों और प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि बिना वैध अनुमति के कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकता और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘फेक वेडिंग’ जैसी गतिविधियाँ देश के बड़े शहरों में एक ट्रेंड के रूप में उभरी हैं, जहां युवा दोस्त या अजनबी, नकली शादी का आयोजन करते हैं, सिर्फ मस्ती, फोटो शूट और पार्टी के लिए। इसमें शादी जैसा माहौल होता है, लोग सज-धज कर आते हैं, नाच-गाना होता है, लेकिन इसका विवाह से कोई वैधानिक या धार्मिक संबंध नहीं होता। बडे-बडे शहरों में ऐसी एक पार्टी के लिए टिकट पर पर्सन 1500 से लेकर 10 हजार रुपये तक हो सकता है I

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