बाबा तुंगनाथ के दर्शन को पहुंच रहे प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा श्रद्धालु
More than a thousand devotees are reaching Baba Tungnath every day for darshan

बाबा तुंगनाथ के दर्शन को पहुंच रहे प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा श्रद्धालु
94 दिन में 1.24 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं बाबा तुंगनाथ के दर्शन, देश में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित शिव का धाम है तुंगनाथ, तीर्थाटन बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी मिली मजबूती
देहरादून, 24 जुलाई 2026 : पंचकेदार में तृतीय तुंगनाथ धाम के दर्शन को इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। अब तक एक लाख 24 हजार 676 श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। विशेष यह कि विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक तुंगनाथ धाम पहुंच रहे हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में समुद्रतल से 12073 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ धाम श्रद्धालु एवं पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर चोपता घाटी, हिमालय की मनोरम चोटियां, शांत वातावरण और आध्यात्मिक अनुभूति इस यात्रा को यादगार बना देते हैं। इस बार धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले गए थे। तब से अब तक औसतन 1326 श्रद्धालु प्रतिदिन तुंगनाथ धाम पहुंच रहे हैं। जबकि, धाम समेत पैदल मार्ग पर यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है।
तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित बताते हैं कि अब तक 64 हजार 393 पुरुष, 53 हजार 290 महिलाएं, 6,765 नौनिहाल, 159 साधु-संत और 69 विदेशी श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। मंदिर समिति के चन्द्रमोहन बजवाल बताते हैं कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों का विवरण मंदिर समिति के रिकार्ड में शामिल नहीं किया जाता। यदि इन पर्यटकों की संख्या भी रिकार्ड में जोड़ दी जाए तो तुंगनाथ क्षेत्र में पहुंचने वाले लोगों का वास्तविक आंकड़ा कहीं अधिक होगा।
जिला पंचायत सदस्य प्रीति पुष्वाण कहती हैं कि श्रद्धालुओं की रिकार्ड संख्या इस बात का प्रमाण है कि तुंगनाथ धाम देश-दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। कहा कि मौसम अनुकूल होने पर आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। बता दें कि चोपता, बणियाकुंड, दुगलबिट्टा और आसपास के क्षेत्रों के होटल, होमस्टे, भोजनालय, टैक्सी संचालक, घोड़ा-खच्चर व्यवसायी और स्थानीय दुकानदारों को इस वर्ष यात्रा से बेहतर कारोबार मिला है।



