उत्तराखंड

डॉग लवर्स सावधान! खुले में शौच कराने या बिना पट्टे के डॉगी को घुमाने पर अब लगेगा इतना जुर्माना

खबर को सुनें


डॉग लवर्स सावधान! खुले में शौच कराने या बिना पट्टे के डॉगी को घुमाने पर अब लगेगा इतना जुर्माना

देहरादून, 25 अक्टूबर 2025: नगर निगम देहरादून ने पालतू कुत्तों को लेकर सख्त नियम लागू करने की तैयारी कर ली है। अब अगर आपका प्यारा डॉगी खुले में शौच करता है या बिना पट्टे के घूमता दिख गया, तो आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी।

शहर में बढ़ती कुत्तों की संख्या और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी की शिकायतों के बाद निगम ने पालतू पशु पालकों पर नजरें टेढ़ी कर ली हैं। नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण या टीकाकरण न कराने पर 5000 रुपये, खुले में शौच कराने पर 3000 रुपये और पट्टा या चैन न लगाने पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति सड़क पर आवारा कुत्तों को अनुचित तरीके से  भोजन कराता पाया गया, तो 5000 रुपये तक अर्थदंड भुगतना होगा। नई दरों के मुताबिक कुत्ता पंजीकरण शुल्क अब 200 से बढ़कर 1000 रुपये हो गया है। वहीं, डॉग ब्रीडर को 2000 रुपये सालाना और पेट शॉप को 1500 से 2000 रुपये के बीच पंजीकरण शुल्क देना होगा।

इसलिए जरूरी है सख्ती

शहर में तेजी से बढ़ती पालतू कुत्तों की संख्या और सड़कों पर फैली गंदगी ने निगम को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर किया है। कई बार पार्कों और कॉलोनियों में लोग शिकायत करते हैं कि टहलाने वाले अपने कुत्तों के मल को उठाते नहीं, जिससे वातावरण दूषित होता है। नगर निगम के अधिकारी बताते हैं, यह कदम कुत्तों के खिलाफ नहीं, बल्कि जिम्मेदार श्वान पालन को बढ़ावा देने के लिए है। लोग पालतू तो रखते हैं, लेकिन उनकी सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी से अक्सर बचते हैं।

डेयरी और मांस की दुकानों पर भी सख्ती

राजधानी दून में डेयरी और मांस की दुकानों के गंदगी फैलाने पर अब नगर निगम सख्त रुख अपनाने जा रहा है। बोर्ड बैठक में पास प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिल गई है और अब सप्ताहभर में इसे लागू कर दिया जाएगा।

  • डेयरी में सफाई न होने, गोबर या कीचड़ पाए जाने पर 5000 रुपये जुर्माना

  • नालियों में गोबर बहाने पर 10000 रुपये जुर्माना

  • बिना पंजीकरण के पशु रखने पर 2000 रुपये प्रति पशु जुर्माना

  • पशुओं को सड़क पर छोड़ने पर 3000 रुपये जुर्माना

  • कांजी हाउस में रखने पर 1500 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन शुल्क

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button