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21 अप्रैल को खोले जा सकते हैं पांचवें ज्‍योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट

The doors of the fifth Jyotirlinga, Kedarnath Dham, may be opened on April 21

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21 अप्रैल को खोले जा सकते हैं पांचवें ज्‍योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट

शिवरात्रि पर्व पर 15 फरवरी को घोषित होगी केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि, इसके लिए बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्‍थल ओंकारेश्‍वर मंदिर ऊखीमठ में आयोजित होगा समारोह, इसी दिन यह भी तय होगा कि केदारनाथ धाम के लिए कब प्रस्‍थान करेगी बाबा की पंचमुखी भोग मूर्ति की उत्‍सव डोली यात्रा

देहरादून, 6 फरवरी 2026 : उत्‍तराखंड हिमालय में चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैंं। बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि 23 अप्रैल तय हो चुकी है, जबकि यमुनाेत्री व गंगोत्री धाम के कपाट परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया पर्व पर 19 अप्रैल को खोले जाएंगे। अब सिर्फ पांचवें ज्‍योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की ति‍थि तय होनी है और  इसके लिए बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्‍थल ओंकारेश्‍वर मंदिर ऊखीमठ में शिवरात्रि पर्व पर 15 फरवरी को समारोह आयोजित किया गया है। माना जा रहा कि धाम के कपाट खोलने को 21 अप्रैल क‍ि ति‍थि सुनिश्चित हो सकती है। वैसे यह भी संभव है कि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएं।

चारधाम की परंपरा के अनुसार सबसे पहले यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद यात्रा पूर्णता को प्राप्‍त करती है। लेकिन, बदरीनाथ धाम से पहले केदारनाथ धाम के कपाट खुलने जरूरी हैं, क्‍योंकि शास्‍त्रों में केदारनाथ धाम के बाद ही बदरीनाथ धाम की यात्रा करने का विधान है। इसलिए इन दिनों केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि तय करने को तैयारियां चल रही हैं। शिवरात्रि पर्व पर यह तय हो जाएगा कि 19 अप्रैल और 23 अप्रैल के बीच कौन सी तिथि पर धाम के कपाट खोले जाएंगे।

इसी दिन ओंकारेश्‍वर मंदिर से बाबा केदार की उत्‍सव डोली को केदारनाथ धाम पहुंचाने का कार्यक्रम भी तय होगा। इस डोली में विराजमान होकर बाबा की पंचमुखी भोग मूर्ति धाम के लिए प्रस्‍‍थान करती है। यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि तय है, अब बस यह तय होना है कपाट किस मुहूर्त पर खोले जाएंगे। दोनों धाम की मंदिर समितियां जल्‍द इसकी घोषणा करेंगी।

वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तैयारियों के क्रम में पहले चरण की गाडू घड़ा यात्रा सात अप्रैल को टिहरी के नरेंद्रनगर राजमहल से चमोली जिले में स्थित डिमरी पुजारियों के गांव डिम्‍मर स्थित लक्ष्‍मी-नारायण मंदिर के लिए प्रस्‍थान करेगी। यात्रा का दूसरा चरण 19 अप्रैल को डिम्‍मर से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्‍थान करेगी और 22 अप्रैल की शाम बदरीनाथ धाम पहुंचेगी।

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