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जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा और खोल दी भूस्खलन से बंद पड़ी सड़क

Risking their lives, villagers took charge and reopened a road blocked by a landslide.

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जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा और खोल दी भूस्खलन से बंद पड़ी सड़क

भूस्खलन होने पर कई बार फोन करने के बाद भी लोनिवि ने मौके पर नहीं पहुंचाई जेसीबी मशीन, पहाड़ी से लगातार गिर रहे थे पत्थर, फिर भी सड़क खोलने में जुटे रहे ग्रामीण, दो घंटे बाद छोटे वाहनों की आवाजाही लायक बनाया मार्ग

देहरादून, 25 अगस्त 2026: पौड़ी जिले में रिखणीखाल ब्लाक स्थित रिखणीखाल-किल्बोखाल-टकोलीखाल मोटर मार्ग मलबा आने के कारण करीब पांच घंटे तक बाधित रहा। हैरत देखिए कि कई बार सूचना देने के बाद भी लोनिवि की टीम सड़क खोलने नहीं पहुंची। ऐसे में ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभाला और जान जोखिम में डालकर सड़क से मलबा हटाने में जुट गए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।

रिखणीखाल-किल्बोखाल-टकोलीखाल मोटर मार्ग मंगलवार सुबह खिमाखेत के पास मलबा व बोल्डर आने के कारण बंद हो गया। ऐसे में दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग फंस गए। क्षेत्रवासियों ने लोनिवि व तहसील प्रशासन को इस संबंध में जानकारी दी, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी जेसीबी मशीन मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में ग्रामीणों ने स्वयं ही मोर्चा संभाला और जी-जान से सड़क पर आए बोल्डर व मलबे को हटाने में जुट गए। एक ओर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिर रहे थे, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण डंडों की मदद से पत्थर हटाने में जुटे रहे। नतीजा, करीब दो घंटे की जी-तोड़ मेहनत के बाद मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन और लोनिवि की ओर से दावा किया गया था कि वर्षाकाल के दौरान संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीन तैनात रहेंगी, लेकिन इस भूस्खलन ने उनके दावों की कलई खोल दी है।

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