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हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर चुनौती बनी पार्किंग व्यवस्था, उमड़ रहा दुपहिया-चौपहिया वाहनों का रेला
Parking has become a challenge on the Hemkund Sahib Yatra route, with a large number of two-wheelers and four-wheelers flocking to the site

हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर चुनौती बनी पार्किंग व्यवस्था, उमड़ रहा दुपहिया-चौपहिया वाहनों का रेला
मुख्य पड़ाव गोविंदघाट में पार्किंग की समस्या के चलते पुलना गांव तक भेजे जा रहे दुपहिया वाहन, गोविंदघाट में केवल 1,500 दोपहिया, 500 कार और 100 बसों को ही किया जा सकता है पार्क, विश्व धरोहर फूलों की घाटी जाने का भी यही है एकमात्र मार्ग
देहरादून, 08 जून 2026: उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित विश्व के सबसे ऊंचे (15,225 फ़ीट) गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ से सरकारी व निजी पार्किंग भरी पड़ी हैं। इसे देखते हुए दुपहिया वाहनों को अब गोविंदघाट से पुलना गांव तक भेजा जा रहा है। भीड़ बढ़ने पर छोटे वाहन व बसें यहां से दो किमी दूर हाईवे पर पांडुकेश्वर स्थित पार्किंग में भेजी जा रही हैं। यात्रा बढ़ने से गोविंदघाट में वाहनों की पार्किंग के लिए यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है।
गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब, लोकपाल लक्ष्मण मंदिर व विश्व धरोहर फूलों की घाटी की पैदल यात्रा शुरू होती है। हालांकि, यहां से यात्री व पर्यटक पुलना गांव तक तीन किमी का सफर वाहन से कर सकते हैं। लेकिन, इस क्षेत्र में सिर्फ स्थानीय निवासियों के शटल सेवा वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति है, जो दिनभर रोटेशन के अनुसार यात्रियों को लाने-ले जाने का कार्य करते हैं। गोविंदघाट में वर्तमान में 1,500 दुपहिया, लगभग 500 कार और 100 बसों के लिए ही पार्किंग की व्यवस्था है। पुलना गांव में भी 500 दुपहिया वाहनों की पार्किंग हो सकती है। हेमकुंड साहिब यात्रा के प्रमुख पड़ाव गोविंदघाट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

दुपहिया वाहनों से पहुंचने वालों में सबसे अधिक पंजाब के यात्री
पंजाब के अधिकांश यात्री निजी वाहनों से यात्रा करते हैं। दुपहिया वाहनों से पहुंचने वालों में भी सबसे अधिक हेमकुंड साहिब के यात्री हैं। वे वाहनों को गोविंदघाट में ही पार्क कर तीन दिन में यात्रा से लौटते हैं। ऐसे में यहां पार्किंग व्यवस्था चुनौती बनी रहती है। इन दिनों तीन हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। फूलों घाटी में भी पर्यटकों की अच्छी-खासी आवाजाही बनी हुई है। इससे गोविंदघाट में वाहनों की पार्किंग कम पड़ रही है और यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके समाधान के लिए पुलिस-प्रशासन व गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से दुपहिया सवारों को गोविंदघाट से तीन किमी आगे पुलना गांव भेजा जा रहा है। यहां पर भी पार्किंग सुविधा है।






