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आशा, साहस, दृढ़ता और दोस्तों व परिवार के मध्य एक महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘माई ट्रिस्ट विद कैन्सर’

आशा, साहस, दृढ़ता और दोस्तों व परिवार के मध्य एक महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘माई ट्रिस्ट विद कैन्सर’
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में में हुआ लेखिका अंजू राणा की इस पुस्तक का विमोचन, इस दौरान पुस्तक पर सार्थक चर्चा भी हुई
देहरादून, 8 मार्च, 2026: लेखिका अंजू राणा की पुस्तक ‘माई ट्रिस्ट विद कैन्सर’ का शनिवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में समारोह पूर्वक लोकार्पण किया गया। इस दौरान पुस्तक पर चर्चा भी हुई। कहा गया कि कैंसर से जूझ रहे और उससे बचाव कर रहे एक व्यक्ति के संस्मरणों पर आधारित इस पुस्तक को जीवन में आशा, साहस, दृढ़ता, दोस्तों और परिवार के मध्य एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में देखा जाना चाहिए।
चर्चा में कहा गया कि जो परिस्थितियां हमें आकर घेरती हैं, वह कभी भी हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं। यह हमारी उनसे निपटने की दृष्टि है, जो परिभाषित करती है कि हम कौन हैं और उनका सामना हम किस तरह निर्भीकता एवं सहजता से करते हैं। यही पुस्तक का सबसे महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पक्ष है, जिसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। कहा गया कि यह खूबसूरत डायरी अंजू राणा की कहानी को बयां करती है, जिन्होंने बीमारी के बावजूद अपने हौसले को नहीं टूटने दिया। पूरी ईमानदारी और दिल से उन्होंने अपने इलाज, डर, शंका, साहस और उम्मीद के बारे में बताया।
वक्ताओं के अनुसार आशा की जानी चाहिए कि अंजू राणा की यह कहानी उन सभी लोगों को प्रेरित करते का कार्य करेगी, जो अभी भी कैंसर जैसी बीमारी का शिद्दत के साथ मुकाबला करते हुए अपनी जिन्दगी को आगे बढ़ाने का सकारात्मक प्रयास करते आ रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. बीकेएस संजय ने की, जबकि चर्चाकार के तौर पर दून पुस्तकालय के मानद निदेशक एन.रविशंकर व वैली ऑफ वर्ड्स के संस्थापक निदेशक डॉ. संजीव चोपड़ा उपस्थित रहे। संचालन सुनीता विजय ने किया। कार्यक्रम में कैंसर और उसके प्रबंधन पर डॉ. नैना कुमार ने भी संक्षिप्त व्याख्यान दिया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपल्याल, डॉ. डीएन भटकोटी, मनोज पंत, पूर्व मुख्य वन संरक्षक जय राज, डाॅ. पंकज नैथानी, सिद्धान्त अरोड़ा, शर्मिला भरतरी, लालता प्रसाद, सुन्दर सिंह बिष्ट, जगदीश महर, विजय भट्ट, आलोक कुमार सरीन, कल्याण बुटोला, शांता रविशंकर, अवि नंदा, अनिल कुमार, शांति प्रकाश जिज्ञासु, हैरी शेट्टी, एसके गुप्ता, केन्द्र के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. डीके पाण्डे आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व केंद्र के कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर तिवारी ने अतिथि वक्ताओं व उपस्थित लोगों का स्वागत किया।








