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हेमकुंड साहिब में यात्रा तैयारियां पूरी, अब कपाट खुलने का इंतजार
Hemkund Sahib Yatra preparations complete, now waiting for the doors to open

हेमकुंड साहिब में यात्रा तैयारियां पूरी, अब कपाट खुलने का इंतजार
22 मई को लोकपाल लक्ष्मण मंदिर व 23 मई को खोले जाएंगे गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट, यात्रियों को अटलाकोटी से हेमकुंड साहिब तक बर्फ के बीच से करना पड़ेगा दो किमी का सफर
देहरादून, 20 मई 2026: चमोली जिले की भ्यूंडार घाटी में समुद्रतल से 15, 225 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट खोलने की तैयारियां पूर्ण कर दी गई हैं। हेमकुंड तक बर्फ काटकर रास्ता बनाने के साथ सेना ने गुरुद्वारा व लक्ष्मण मंदिर के आसपास से बर्फ हटा दी है। अब इंतजार है कपाट खुलने का। लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट 22 मई और हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलने हैं।
सेना इंजीनियरिंग कोर के जवान पिछले 34 दिनों से हेमकुंड साहिब में बर्फ हटाकर यात्रा की राह सुगम बनाने में जुटे हैं। हालांकि, हेमकुंड सरोवर अभी भी बर्फ से ढका हुआ है। सेना ने सरोवर के एक हिस्से से बर्फ हटाकर श्रद्धालुओं के स्नान-आचमन की व्यवस्था की है। हेमकुंड पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को अटलाकोटी से दो किमी का सफर बर्फ के बीच से करना पड़ेगा, जो इस चिलचिलाती गर्मी में ठंडक का एहसास कराएगा। कपाट खुलने के उत्सव को यादगार बनाने के लिए गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। गुरुद्वारा साहिब और मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है। देश में सबसे ऊंचाई पर स्थिति धार्मिक हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा में लंगर भी शुरू हो गया है।

गुरुद्वारा साहिब व मुख्य पड़ावों पर तैनात हुए पांच चिकित्सक
श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब में एक और घांघरिया व गोविंदघाट में दो-दो चिकित्सकों की तैनाती हो गई है। यात्रा पड़ाव और गुरुद्वारों में बनाए गए चिकित्सालयों में आक्सीजन सुविधा भी उपलब्ध है। बताया कि हेमकुंड साहिब में इस यात्राकाल के लिए मुख्य ग्रंथी के रूप में सुच्चा सिंह व हमीर सिंह और सहायक ग्रंथी सुखदीप सिंह की नियुक्ति की गई है। जबकि, घांघरिया गुरुद्वारे में तीन और गोविंदघाट गुरुद्वारे में चार ग्रंथी नियुक्त किए गए हैं।

गोविंदघाट 22 मई को घांघरिया पहुंचेगा पहला जत्था
गोविंदघाट से पंज प्यारों की अगुआई में 22 मई को श्रद्धालुओं का पहला जत्था बेस कैम्प घांघरिया के लिए रवाना होगा और यहीं रात्रि विश्राम करेगा। 23 मई को सुबह पांच बजे यह जत्था घांघरिया से रवाना होकर नौ बजे हेमकुंड साहिब पहुंचेगा। इसके बाद धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले दिन एक ही अरदास होगी।





