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वाण में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही नंदा पथ पर आगे बढ़ सकेंगे यात्री

Pilgrims will be able to proceed further on the Nanda Path only after undergoing a health check-up at Wan.

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वाण में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही नंदा पथ पर आगे बढ़ सकेंगे यात्री

पर्यटन विभाग ने जारी की इस संबंध में एडवाइजरी, निर्जन पड़ावों पर श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने की सलाह, वाण के बाद पांच निर्जन पड़ावों से होकर नंदा देवी की बड़ी जात, अत्यंत दुर्गम, जोखिमपूर्ण व भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील है उच्च हिमालय में स्थित यात्रा मार्ग का यह 66 किमी हिस्सा

देहरादून, 08 सितंबर 2026: पर्यटन विभाग ने नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति को उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित निर्जन पड़ावों पर यात्रियों की संख्या सीमित रखने की सलाह दी है। साथ ही यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं के लिए वेदनी बुग्याल जाने से पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। ताकि यात्रा के दौरान किसी अप्रिय स्थिति की संभावना को न्यून किया जा सके। नंदा देवी बड़ी जात 16 सितंबर को वाण गांव से रणकधार होते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश करेगी।

पिछले दिनों वन विभाग, पुलिस व एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी जात के आबादी वाले अंतिम पड़ाव वाण गांव से ज्यूंरागली और सुतोल से होमकुंड तक
लगभग 66 किमी यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान पैदल मार्ग के कई हिस्से अत्यंत दुर्गम, जोखिमपूर्ण व भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील पाए गए। इसी रिपोर्ट के आधार पर पर्यटन विभाग की ओर से यह एडवाइजरी जारी की गई। जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि वेदनी से आगे निर्जन पड़ावों पर यात्रा मार्ग बेहद दुर्गम एवं जोखिमपूर्ण है। इसलिए यहां यात्रा का आयोजन आपदा प्रबंधन के प्रविधान एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। इस हिस्से में यात्रा समुद्रतल से 17,500 फीट की ऊंचाई से होकर गुजरती है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने श्री नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति से यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी निर्धारित व्यवस्थाओं का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही मार्ग की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अत्यधिक सावधानी एवं सतर्कता बरतने की अपील की है। दरअसल, यात्रा तैयारियां न होने से पैदल मार्ग कई जगह जोखिमपूर्ण हो गया है। साथ ही लगातार वर्षा के चलते जगह-जगह फिसलनभरा भी है।

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