उत्तराखंडखगोल-भूगोलपर्यटनयूथ

चांद-सितारों के दीदार को बेनीताल में एकत्र हुए खगोल प्रेमी 

Astronomy lovers gathered in Nainital to see the moon and stars

खबर को सुनें


चांद-सितारों के दीदार को बेनीताल में एकत्र हुए खगोल प्रेमी

गोपेश्वर, 22 नवंबर 2025 : चमोली जिले के एस्ट्रो विलेज बेनीताल में चार-दिवसीय एस्ट्रो वीक सीजन-तीन का शुभारंभ हो गया। इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने कहा कि इस विशेष आयोजन में देश-विदेश से पहुंचने वाले प्रतिभागी खगोलीय पिंडों का दीदार कर सकेंगें।

एस्ट्रो वीक-3 के आयोजन को लेकर क्षेत्रवासी उत्साहित है। होमस्टे संचालक भी इसे पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं। पर्यटन अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक, असोम, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से 30 चयनित प्रतिभागी यहां पहुंचे हैं। वह रात में आकाश का अवलोकन, खगोलीय फोटोग्राफी और प्रकृति–परिदृश्य (लैंडस्केप) फोटोग्राफी की उन्नत तकनीकों का अनुभव प्राप्त करेंगे।

इस दौरान होने वाली मुख्य गतिविधियों में खगोलीय अवलोकन, शनि ग्रह व बृहस्पति (जुपिटर) अवलोकन, चंद्रमा अवलोकन (लूनर एक्स–वाई), नक्षत्र मानचित्रण, खगोलीय फोटोग्राफी, तारों की लकीरें, गंगा तारा-पथ, गहन आकाश फोटोग्राफी, सूर्यास्त से तारों तक क्रम–फोटोग्राफी लोगों के साथ रात्रि फोटोग्राफी, पैनोरामा व रात्रि–दृश्य फोटोग्राफी, प्रकृति एवं परिदृश्य सत्र, बेनीताल में सूर्योदय फोटोग्राफी झील, गांव एवं मंदिर फोटोग्राफी भ्रमण, हिमालयी दृश्यावलियों की संरचना सत्र का विशेष अनुभव, दूरबीन प्रदर्शन, वास्तविक आकाश अनुभव, तारों के नीचे अलाव व कहानी–सत्र का आयोजन शामिल है। कार्यक्रम में खगोलीय फोटोग्राफर अजय तलवार सहित शाहिद हाशमी लोगों को खगोलीय घटनाओं को कैमरे में कैद करने की जानकारी देंगे।

इस मौके पर अजय तलवार (एस्ट्रो फोटोग्राफर), शाहिद हाशमी (लैंडस्केप नेचर फोटोग्राफर), राहुल अधिकारी, संजय साह, संकल्प रस्तोगी (उत्तर प्रदेश एमेच्योर एस्ट्रो फोटोग्राफी क्लब, लखनऊ), स्वप्निल रस्तोगी, उत्कर्ष मिश्रा ((उत्तर प्रदेश एमेच्योर एस्ट्रो फोटोग्राफी क्लब, लखनऊ), जुगल भराली (असोम) लक्ष्मीपति (कर्नाटक), अनिल सिंगरू (दिल्ली) आदि मौजूद रहे।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button