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बच्ची की गुलदार के हमले में मौत से सड़कों पर फूटा लोगों का आक्रोश

Public outrage erupts on the streets following the death of a young girl in a leopard attack.

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बच्ची की गुलदार के हमले में मौत से सड़कों पर फूटा लोगों का आक्रोश

पौड़ी के बजली गांव में मंगलवार शाम पांच वर्षीय बच्ची की गुलदार के हमले में हो गई थी मौत,  गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण में पांच घंटे लगाया जाम, जिलाधिकारी के नहीं पहुंचने पर जिला मुख्यालय पौड़ी आए ग्रामीण, एजेंसी चौंक में धरने पर बैठे

देहरादून, 04 नवंबर 2026: पौड़ी जिले के बजली गांव में गुलदार के हमले में मासूम की मौत के बाद लोगों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पौड़ी- देवप्रयाग मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के समीप पांच घंटे तक जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मौके पर जिलाधिकारी व संयुक्त मजिस्ट्रेट के नहीं पहुंचने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने वन मंत्री के उपेक्षित एवं उदासीन व्यवहार को लेकर उन्हें भी जमकर लताड़ लगाई। कहा कि वन मंत्री ग्रामीणों व पीड़ितों की सुध तक लेने नहीं आ रहे। ऐसे संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों को तत्काल पद छोड़ देना जाना चाहिए।

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने ग्रामीणों से संवाद किया। लेकिन ग्रामीण जिलाधिकारी के मौके पर आने को लेकर अड़े रहे। दोपहर एक बजे तक जब जिलाधिकारी नहीं पहुंचीं, तो ग्रामीण स्वयं जिला मुख्यालय पौड़ी आ गए। यहां एजेंसी चौक पर उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। इससे पूर्व बुधवार सुबह करीब आठ बजे पौड़ी के खाड्यूसैंण में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग एकजुट हुए और यहां पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि मंगलवार शाम बजली गांव में गुलदार के हमले में पांच वर्षीय मासूम आरुषि की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में ग्रामीण सहमे हुए हैं, लेकिन प्रशासन ग्रामीणों की सुध लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि घर के आंगन से गुलदार नौनिहालों को उठा ले जा रहा है, लेकिन प्रशासन, वन विभाग और सरकार ग्रामीणों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम तक नहीं कर पा रहे।

15 लोगों को शिकार बना चुका है गुलदार

सामाजिक कार्यकर्ता विनोद दनोसी ने कहा कि इडवालस्यूं पट्टी व आसपास के क्षेत्रों में गुलदार 15 लोगों को निवाला बना चुका है। एक के बाद एक घटनाएं हो रही हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी लीसा दोहन में व्यस्त हैं। समाजिक कार्यकर्ता मोहित सिंह, प्रतीक बिष्ट, अमन नयाल व राजेश भंडारी ने कहा कि पहाड़ में गुलदार व भालू के बढ़ते हमलों में जीवन खतरे में पड़ गया है।
विधायक पौड़ी की हालत ऐसी है कि डीएम उनके चार फोन करने पर भी प्रतिक्रिया तक नहीं दे रहीं। उन्होंने गुलदार को फिफ्थ शेड्यूल से हटाए जाने, पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा देने व गुलदार को तत्काल मारने की मांग की। यहां जब दोपहर एक बजे तक भी डीएम नहीं पहुंचीं, तो ग्रामीण स्वयं जिला मुख्यालय पौड़ी पहुंचे और एजेंसी चौक में धरने पर बैठ गए। दोपहर ढाई बजे से शुरु हुआ धरना-प्रदर्शन शाम साढ़े चार बजे तक चला। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद नेगी, आकाश रावत, आस्कर रावत, ग्राम प्रधान अरविंद कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

आज रैली निकालेंगे लोग

गुलदार के हमले में बच्ची की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीण गुरुवार को रैली निकालेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि जिला मुख्यालय पौड़ी में नए बस अड्डे से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर तक रैली निकाली जाएगी। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया जाएगा।

एसडीओ व वन कर्मियों को बनाया बंधक

खांड्यूसैंण में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंची गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट व वन कर्मियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हें एक कमरे में बंधक बना दिया और करीब तीन घंटे बाद छोड़ा। वहीं, खांड्यूसैंण में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से संवाद करने के लिए पहुंचे डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव को भी ग्रामीणों ने घेर लिया। इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की व हाथापाई का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस-प्रशासन व वन कर्मियों के बीच बचाव से डीएफओ को सुरक्षित एक छोर पर ले जाया गया।

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