वामन द्वादशी पर भगवान नारायण का माता मूर्ति से हुआ भावपूर्ण मिलन
The soulful reunion of Lord Narayana with Mother Murti on Vaman Dwadashi.

वामन द्वादशी पर भगवान नारायण का माता मूर्ति से हुआ भावपूर्ण मिलन

बदरीशपुरी में वामन द्वादशी पर माता मूर्ति महोत्सव का भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालु और स्थानीय निवासी बने माता मूर्ति से भगवान बदरी नारायण के मिलन के साक्षी
देहरादून, 23 सितंबर 2026: बदरीपुरी में वामन द्वादशी पर बुधवार को माता मूर्ति महोत्सव की धूम रही। इस मौके पर बदरीनाथ से तीन किमी आगे माणा गांव स्थित माता मूर्ति मंदिर में भगवान नारायण का अपनी मां से भावपूर्ण मिलन हुआ। यह दृश्य देख श्रद्धालुओं के नेत्र छलछला आए। शाम को भगवान नारायण ने बदरीनाथ धाम लौटकर बदरीश पंचायत में स्थान ग्रहण किया। मेला अवधि में मंदिर के कपाट बंद रहे।
सुबह भोग के बाद सेना के गढ़वाल स्काउट बैंड की भक्तिमय लहरियों के बीच भगवान नारायण के प्रतिनिधि उद्धवजी ने डोली में विराजमान होकर माता मूर्ति मंदिर के लिए प्रस्थान किया। रावल अमरनाथ नंबूदरी की अगुआई में डिमरी पंचायत के सदस्यों ने उद्धवजी की डोली को माता मूर्ति मंदिर पहुंचाया। यहां उद्धवजी अपनी मां से मिले और उनकी कुशलक्षेम पूछी। जबकि श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद उद्धवजी का अभिषेक किया।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि माता मूर्ति मंदिर में रावल, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वाणी विलास डिमरी, अमित बंदोलिया व पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी ने अभिषेक पूजा संपन्न कराई। इससे पहले, माणा गांव की महिलाओं व श्रद्धालुओं ने उद्धवजी को जौ की हरियाली अर्पित की। दिन के भोग के बाद अपराह्न तीन बजे उद्धवजी ने बदरीनाथ धाम के लिए वापसी की। इसके साथ ही माता मूर्ति महोत्सव ने विराम लिया।
इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सलाहकार माधव सेमवाल, पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सदस्य विनीत पोस्ती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, पंडित मोहित सती, माणा के पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा व वेदपाठी डा. रवींद्र भट्ट आदि मौजूद रहे। इस दौरान आइटीबीपी, सेना व दानियों की ओर से भंडारे आयोजित किए गए।
सीमा के बंधन से मुक्त हुए रावल



