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मार्च के बाद ही चौरासी कुटिया का दीदार कर सकेंगे पर्यटक

Tourists will be able to visit Chaurasi Kutia only after March.

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मार्च के बाद ही चौरासी कुटिया का दीदार कर सकेंगे पर्यटक

जीर्णोद्धार कार्य के चलते बीते 18 अगस्त से बंद हैं चौरासी कुटिया के द्वार, मार्च 2027 में कार्य पूर्ण होने की उम्मीद, इसी के बाद दोबारा शुरू हो सकेगी पर्यटकों की आवाजाही

देहरादून,13 सितंबर 2026: राजाजी टाइगर रिजर्व की गोहरी रेंज में महर्षि महेश योगी की भावातीत चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) के द्वार बीते 18 अगस्त से देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए बंद हैं। यहां लोनिवि परियोजना क्रियान्वयन इकाई देहरादून की ओर से करीब 100 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार कार्य किए जा रहे हैं, जिनके मार्च 2027 में पूर्ण होने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही से कार्य बाधित हो रहे थे, इसलिए पार्क प्रशासन की ओर से अगले आदेश तक के लिए कुटिया के द्वार बंद किए गए हैं।

वर्ष 1961 में महर्षि महेश योगी ने करीब 7.5 हेक्टेयर पार्क भूमि पर चौरासी कुटिया आश्रम का निर्माण किया था। उन्होंने करीब 40 वर्षों के लिए इस वन भूमि को लीज पर लिया था। इस दौरान उन्होंने आश्रम में करीब 140 गुंबदनुमा कुटिया व 84 छोटी-छोटी ध्यान-योग कुटिया समेत अन्य निर्माण किए। वर्ष 1968 में ब्रिटेन के मशहूर बीटल्स ग्रुप के चार सदस्य जान लेनन, पाल मैकार्टनी, जार्ज हैरिसन व रिंगो स्टार चौरासी कुटिया में ध्यान-योग करने के लिए आए थे। वे यहां करीब चार महीने रुके और इस अवधि में उन्होंने यहां 39 गानों की धुन तैयार कीं। वन भूमि की लीज समाप्त होने के बाद महर्षि महेश योगी वर्ष 1989 में इस आश्रम को छोड़कर नीदरलैंड चले गए।

वर्ष 2000 में पार्क प्रशासन ने इस आश्रम का अधिग्रहण किया और फिर यहां विदेशी पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई। आठ दिसंबर 2015 को पार्क प्रशासन ने इस कुटिया को देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए खोल दिया। इसके लिए बाकायदा शुल्क निर्धारित किया गया। हालांकि, लंबे समय तक देख-रेख न होने के कारण कुटिया जर्जर हो गई थीं, इसलिए जनवरी 2026 से इनका जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। पार्क की गौहरी रेंज के रेंज अधिकारी राजेश चंद्र जोशी ने बताया कि अब तक 45 प्रतिशत कार्य हो चुका है।

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