
बागेश्वर में दिख रहा आल इंडिया प्राइज मनी फुटबॉल चैंपियनशिप का रोमांच
पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी एवं इंटरनेशनल कोच वीरेन्द्र सिंह रावत हैं चैंपियनशिप के टेक्निकल डायरेक्टर, 30 अगस्त को शुरू हुई चैंपियनशिप का समापन 17 सितंबर को होगा
देहरादून, 07 सितंबर 2026: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले में खेल प्रेमी इन दिनों आल इंडिया प्राइज मनी फुटबॉल चैंपियनशिप के रोमांच में डूबे हैं। पूर्व मंत्री चंदन राम दास की स्मृति में आयोजित यह चैंपियनशिप बीते 30 अगस्त को शुरू हुई थी और 17 सितंबर को इसका समापन होगा। चैंपियनशिप में नेपाल समेत देश की 12 टीम प्रतिभाग कर रही हैं।
फ्रेंड्स क्लब बागेश्वर की ओर से नुमाइश मैदान में आयोजित यह प्रतियोगिता लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में खेली जा रही है। आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज कपकोटी ने बताया कि प्रतिदिन शाम चार बजे एक मुकाबला आयोजित किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी नुमाइश मैदान पहुंच रहे हैं। बागेश्वर में फुटबॉल को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने ने फुटबॉल प्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में नुमाइश मैदान पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें और इस भव्य फुटबॉल प्रतियोगिता को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।
आयोजन समिति के सचिव कमल शाह जगाती ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए देश-विदेश से कुल 48 टीमों की एंट्री प्राप्त हुई थी, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ 12 टीमों को इसमें प्रतिभाग करने का अवसर दिया गया है। समिति की ओर से सभी 12 टीमों के खिलाड़ियों एवं अधिकारियों के लिए आवास, भोजन और स्थानीय आवागमन की समुचित व्यवस्था की गई है।

ये टीमें कर रहीं प्रतिभाग
प्रतियोगिता में BNFC मुंबई, गोवा FC, मुनस्यारी FC, पिथौरागढ़ FC, मऊ स्पोर्ट्स स्टेडियम, झुमका सिटी FC बरेली (उत्तर प्रदेश), बागेश्वर FC, नेपाल FC, मध्य प्रदेश FC, बंगाल FC व पंजाब FC की टीम हिस्सा ले रही हैं।

पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉलर वीरेन्द्र रावत संभाल रहे तकनीकी जिम्मेदारी
उत्तराखंड के पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी, रेफरी एवं इंटरनेशनल कोच वीरेन्द्र सिंह रावत को प्रतियोगिता का टेक्निकल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। जबकि रेफरियों की टीम में भूपाल सिंह नेगी, मनोज नेगी, प्रकाश रोनी, हर्षित चौहान, सनम पुन व विमल सिंह रावत हैं। किशन कुमार मैच कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।





