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मानसून ने पकड़ी रफ्तार, धीमी पड़ी केदारनाथ धाम की यात्रा

Monsoon picks up pace, Kedarnath pilgrimage slows down

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मानसून ने पकड़ी रफ्तार, धीमी पड़ी केदारनाथ धाम की यात्रा

पहले डेढ़ माह औसतन 30-30 हजार यात्री प्रतिदिन पहुंच रहे थे केदारनाथ धाम, वर्तमान में यह संख्या 1500 से 2000 के बीच सिमटी, इससे केदारघाटी में कारोबार भी पड़ा धीमा, होटलों में पसरने लगा है सन्नाटा

देहरादून, 9 जुलाई 2026: मानसून के रफ्तार पकड़ते ही केदारनाथ धाम की यात्रा धीमी पड़ने लगी है। प्रमुख पड़ावों के साथ पैदल यात्रा मार्ग पर भी चहल-पहल नजर नहीं आ रही। पहले जहां औसतन 30-30 हजार यात्री प्रतिदिन दर्शन को पहुंच रहे थे, अब यह संख्या 1500 से 2000 के बीच सिमट गई है। इसका असर केदारघाटी के कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है और बाहर के कारोबारी वर्षाकाल के लिए अपना सामान समेटकर वापस लौट गए हैं।

अब तक 13.97 लाख यात्री कर चुके दर्शन

केदारनाथ धाम में अब तक 13 लाख 96 हजार 906  यात्री दर्शन को पहुंच चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा यात्री मई से जून के बीच पहुंचे। 22 अप्रैल को कपाट खुले के वाले दिन तो रिकॉर्ड 38 हजार यात्रियों ने दर्शन किए, जो कि केदारनाथ यात्रा के इतिहास में एक दिन में पहुंचने वाले यात्रियों की सबसे बड़ी संख्या है। हालांकि, मानसून के आगमन में साथ यह संख्या घटती चली गई। बरसात में जगह-जगह पहाड़ दरकने के साथ भू-धंसाव व भू-कटाव का खतरा रहता है। इसलिए श्रद्धालु यात्रा से परहेज करते हैं। बीते वर्षों में पहाड़ से गिरे पत्थरों की चपेट में आकर कई यात्री जान गंवा चुके हैं, इसलिए प्रशासन भी इस अवधि में यात्रा करने की सलाह देता है। हालांकि, वर्षाकाल समाप्त होने के बाद फिर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।

इन दिनों यात्री फुर्सत से कर रहे दर्शन

वर्तमान में यात्रियों की संख्या घटने का असर केदारघाटी के कारोबार बार पर भी दिख रहा है। इससे होटल, लाज, होमस्टे, रेस्टोरेंट व टेंट कारोबारियों और घोड़ा-खच्चर व डंडी-कंडी संचालकों की आय में गिरावट आई है। हां! यह जरूर है कि भीड़भाड़ न होने के कारण श्रद्धालु इन दिनों फुर्सत से दर्शन कर पा रहे हैं। वहीं, डीएम ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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