अवार्डउत्तराखंडऑफबीटपुरस्कारसम्मान

साहित्यकार रवांल्टा को उत्तर प्रदेश का बलदेव मल्ल सम्मान

Uttar Pradesh's Baldev Mall Award to litterateur Rawalta

खबर को सुनें


साहित्यकार रवांल्टा को उत्तर प्रदेश का बलदेव मल्ल सम्मान

हिंदी साहित्य की गद्य विधा में उल्लेखनीय योगदान के लिए बीएमएन हिंदी सेवा संस्थान ने लखनऊ में प्रदान किया उन्हें यह सम्मान

देहरादून, 27 फरवरी 2026 : उत्तरकाशी की रवांई घाटी के प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा को वर्ष 2025 के बलदेव मल्ल सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान उत्तर प्रदेश के बीएमएन सेवा संस्थान लखनऊ की ओर से हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

रवांई घाटी के सुदूरवर्ती सरनौल गांव में जन्मे और अब पुरोला के महर गांव में निवासरत महावीर रवांल्टा ने लेखन की शुरुआत अस्सी के दशक से की थी। तब से अब तक उनकी उपन्यास, नाटक, कहानी, कविता, बाल साहित्य, लघुकथा, लोक साहित्य और रवांल्टी भाषा में 46 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। साथ ही वह अनेक नाटकों का लेखन व निर्देशन और उनमें अभिनय भी कर चुके हैं।

रवांई की लोकगाथा पर आधारित उनकी रचनाएं ‘सफेद घोड़े का सवार’, ‘एक प्रेमकथा का अंत’ व ‘धुएं के बादल’ चर्चित रही हैं। रवांल्टा वर्तमान में उप जिला चिकित्सालय पुरोला में मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पड़ पर तैनात हैं।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button