उत्तराखंडभालू का आतंक

घास लेने जंगल गई महिला, भालू ने किया गंभीर घायल

A woman went to the forest to collect grass, was seriously injured by a bear

खबर को सुनें


घास लेने जंगल गई महिला, भालू ने किया गंभीर घायल

पौड़ी जनपद के पाबौ ब्लाक स्थित ओडली गांव की है यह घटना, महिला को हेली एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश किया  रेफर

देहरादून, 5 फरवरी 2026:  पौड़ी जनपद के पाबौ ब्लाक की खंडूली ग्राम पंचायत का ओडली गांव। इसी गांव की एक महिला ज्योति देवी बुधवार को पास के जंगल में घास लेने गई थीं, जहां भालू ने उन पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया। ग्रामीण ज्योति को सीएचसी पाबौ ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।

ज्योति देवी सुबह गांव की को अन्य छह-सात महिलाओं के साथ पास स्थित जंगल में घास काटने गई थी, जहां भालू ने हमला हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हालांकि, इस बीच साथी महिलाएं शोर मचाने लगीं तो भालू भाग गया। फिर अन्य ग्रामीणों के सहयोग से ज्योति को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें एम्स रेफर कर दिया। केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. पंकज सिंह ने बताया कि महिला के चेहरे, सिर व पैरों पर गहरे जख्म आए हैं।

वहीं, ग्राम पंचायत खंडूली के प्रधान ठाकुर सिंह ने बताया कि भालू के हमले के बाद क्षेत्र में लोग सहमे हुए हैं और जरूरी काम से भी घर के बाहर कदम रखने में कतरा रहे हैं। गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि महिला पर भालू के हमले के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही पांच कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं, ताकि भालू समेत जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर बनी रहे। विदित हो कि मंगलवार को पौड़ी की नागदेव रेंज में भी भालू ने एक युवक पर हमले का प्रयास किया था, उसने जैसे-तैसे भागकर जान बचाई थी।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button