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पड़ाव-दर-पड़ाव जुटते जाते हैं नंदा के भक्त, बनता जाता है कारवां

Nanda's devotees gather at each successive halt, and the caravan grows.

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पड़ाव-दर-पड़ाव जुटते जाते हैं नंदा के भक्त, बनता जाता है कारवां

 

चमोली जनपद में नंदा देवी बड़ी जात के आयोजन की तिथि नजदीक आने के साथ लौट आई गांवों में रौनक, प्रवासी गांव लौटे, पांच सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू होगी बड़ी जात, रामणी के ग्रामीण ले जाएंगे नंदा की डोली

देहरादून, 02 सितंबर 2026: नंदा देवी बड़ी जात के आयोजन की तिथि नजदीक आने के साथ ही चमोली जिले के यात्रा मार्ग से लगे गांवों में रौनक लौट आई है। लोक देवी नंदा की पूजा-अर्चना के लिए प्रवासी बड़ी तादाद में अपने गांव लौट रहे हैं। गांवों के रास्तों पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है और घर रंग-रोगन कर सजाए जा रहे हैं। बड़ी जात पांच सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू होगी।

हर साल आयोजित होने वाली नंदा देवी लोकजात और 12 वर्ष के अंतराल में आयोजित होने वाली नंदा देवी बड़ी जात हक-हकूकधारी ग्रामीणों के सहयोग से ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ती है। परंपरा के अनुसार इस धार्मिक यात्रा के दौरान एक गांव से दूसरे गांव तक देवी नंदा की डोली को पहुंचाने की जिम्मेदारी हक-हकूकधारियों की होती है। हालांकि, आठवें पड़ाव रामणी के बाद डोली को ले जाने का जिम्मा रामणी के ग्रामीणों का है।

पांच सितंबर को कुरुड़ से यात्रा शुरू होने के बाद जिस गांव में भी नंदा की डोली जाएगी, वहां के ग्रामीण उसे अगले गांव की सीमा तक छोड़ने जाएंगे। इस तरह यात्रा में श्रद्धालुओं का कारवां बनता चला जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के खाने-ठहरने की व्यवस्था भी हक-हकूकधारी ग्रामीणों की ही होगी। इसके लिए वह तैयारियों में जुटे हुए हैं। यात्रा मार्ग से लगे गांवों में लोग नंदा की जात को लोक उत्सव के रूप में मनाने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। घरों में रंग-रोगन और रास्तों की सफाई की जा रही है। धियाणियों व प्रवासियों का गांव लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। गांवों में व्यवस्था समिति यात्रा में शामिल लोगों के भोजन व ठहरने की व्यवस्थाएं जुटा रही है।

अन्य देवी-देवताओं का रामणी में होगा नंदा से मिलन

नंदा देवी बड़ी जात के दौरान सबसे ज्यादा चुनौती निर्जन पड़ावों पर आती है। पांच निर्जन पड़ावों में वाण से आगे डोली ले जाने की व्यवस्था भी परंपरानुसार रामणी के ग्रामीण करते हैं। यात्रा के प्रमुख पड़ाव नंदानगर के रामणी गांव में दशोली बंड की डोली, भगवान बदरी विशाल की छंतोली, लाता की नंदा, कोट कंडारा दशोली पट्टी दशमद्वार की डोली सहित अन्य छंतोलियों का मिलन मां नंदा से होता है। यहां से 13 सितंबर को बड़ी जात अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। रामणी से आगे और यात्रा के वापस लौटने तक नंदा देवी की डोली रामणी के ग्रामीण ही ले जाएंगे।

लोक सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेला 11 सितंबर से

देव डोलियों के रामणी पहुंचने पर 11 सितंबर से तीन दिवसीय श्री नंदा देवी रामणी लोक सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेले का आयोजन भी होगा। मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष सूरज पंवार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम व एसपी से मिलकर यात्रा कार्यक्रम पर चर्चा की है। 13 सिंतबर को बड़ी जात के अगले पड़ाव की ओर जाने के साथ मेले का समापन होगा।

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