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गाडू घड़ा यात्रा को लेकर शुरू हुई तैयारियां 

Preparations have started for Gadu Ghada Yatra

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गाडू घड़ा यात्रा को लेकर शुरू हुई तैयारियां

टिहरी के नरेंद्रनगर स्थित राजमहल से सात अप्रैल को पिरोया जाएगा तिलों का तेल, इसी दिन शाम को डिम्मर गांव के लिए प्रस्थान करेगी गाडू घड़ा यात्रा, बदरीनाथ धाम के डिमरी पुजारियों का गांव है डिम्मर

देहरादून, 31 जनवरी 2026: बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के बाद अब गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। गाडू घड़ा यात्रा सात अप्रैल को टिहरी के नरेंद्रनगर स्थित राजमहल से चमोली जिले के डिम्मर गांव स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर के लिए रवाना होगी। इससे पहले राजमहल में तय मुहूर्त पर तिलों का तेल पिरोया जाएगा। यही तेल गाडू घड़ा में भरकर भगवान बदरी नारायण के अभिषेक को बदरीनाथ धाम ले जाया जाता है।

श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि गाडू घड़ा यात्रा प्रथम चरण में आठ अप्रैल को ऋषिकेश, नौ अप्रैल को श्रीनगर, 10 अप्रैल को डिमरियों के मूल गांव डिम्मर स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर पहुंचेगी। यहां पूजा के बाद गाडू घड़ा को मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया जाएगा। 19 अप्रैल को यात्रा का द्वितीय चरण शुरू होगा। इस दिन लक्ष्मी-नारायण मंदिर में गाडू घड़ा की पूजा-अर्चना के बाद यात्रा डिम्मर गांव से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। 22 अप्रैल को यात्रा बदरीनाथ धाम पहुंचेगी और 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे।

गाडू घड़ा का धार्मिक महत्व

गाडू घड़ा में राजमहल में सुहागिनों द्वारा पिरोया गया तिलों का तेल भरा जाता है। इसी तेल से बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से लेकर बंद होने तक भगवान बदरी नारायण का अभिषेक होता है। कपाट खुलने पर यह गाडू घड़ा भगवान के गर्भगृह में स्थापित हो जाता है।

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