अवार्डउत्तराखंडजागरूकतापुरस्कारप्रेरणाबैठकराष्ट्रीयसम्मान

प्रभात मिश्रा को मिलेगा ‘निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार’

Prabhat Mishra will receive the Nirmal Kumar Joshi Wildlife Conservation Award

खबर को सुनें


प्रभात मिश्रा को मिलेगा ‘निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार’

रेड टेप आंदोलन के प्रणेता हैं प्रभात, वर्ष 2005 में विश्व पर्यावरण दिवस पर इटावा से की थी उन्होंने इसकी शुरुआत

गोपेश्वर, 28 नवंबर 2025 : इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार’ रेड टेप आंदोलन के संस्थापक प्रभात मिश्रा दिया जाएगा। चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र की ओर से शुक्रवार को उनके नाम के चयन की घोषणा की गई। प्रभात को यह सम्मान पर्यावरण, वन्यजीव व जैव विविधता के संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से लोक चेतना विकसित करने के लिए दिया जा रहा है।

गोपेश्वर स्थित सर्वोदय केंद्र में हुई पुरस्कार चयन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अध्यक्षता करते हुए वनविद् एवं प्रशासक बीडी सिंह ने कहा कि निर्मल कुमार जोशी देश के पहले भारतीय वन सेवा अधिकारी थे। उन्होंने केदारनाथ और बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी के रूप में चिपको आंदोलन में स्मरणीय भूमिका निभाई। उनकी स्मृति में यह सम्मान उन सेवारत वनविद्, वनकर्मी व अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान किया है।

ऐसे हुई ‘रेड टेप आंदोलन’ की शुरुआत

प्रभात मिश्रा पिछले 17 वर्षों से ‘रेड टेप आंदोलन’ के माध्यम से ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के साथ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पुराने पेड़ों के संरक्षण और धरा को हरा-भरा करने के अभियान में जुटे हैं। जिला बचत अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए प्रभात ने उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद में

वर्ष 2005 में विश्व पर्यावरण दिवस पर इस आंदोलन की शुरुआत की थी, जो अब व्यापक रूप ले चुका है। अभियान के तहत अवकाश के दिनों में आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता नजदीकी गांवों में जाकर लोगों को ग्लोबल वार्मिंग, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं। साथ ही वृक्षारोपण करने के अलावा पुराने वृक्षों पर लाल रिबन बांधते हैं, जो उनकी सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।

हर सोमवार पौधों को पानी देना और उनके संरक्षण के प्रयास भी इस अभियान का हिस्सा हैं। छात्रों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए प्रभात ने विद्यालयों में ‘पर्यावरण संसद’ का गठन कर एक अनूठी पहल की है, जिसे विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला छात्र संगठन माना जाता है। बैठक में चयन समिति के सचिव ओमप्रकाश भट्ट, विनय सेमवाल व सदस्य मौजूद रहे।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button