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नरभक्षी गुलदार को मारने के आदेश, तैनात किए शूटर 

Orders to kill man-eating leopard, shooters deployed

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नरभक्षी गुलदार को मारने के आदेश, तैनात किए शूटर

लैंसडौन तहसील के बरस्वार गांव में 23 जनवरी की शाम गुलदार ने डेढ़ वर्षीय बच्ची को बनाया निवाला, पहाड़ में लगातार बढ़ रही जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं

देहरादून 24 जनवरी 2026: लैंसडौन तहसील के अंतर्गत ग्राम बरस्वार में शनिवार शाम मासूम को निवाला बनाने वाले गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
गांव में विभाग की शूटर टीम तैनात करने के साथ गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया है। ग्रामीणों की मांग पर प्रभागीय वनाधिकारी ने सुरक्षा के मद्देनजर विभागीय वाहन से बच्चों को स्कूल छोड़ने की बात कही है।

23 जनवरी की शाम बरस्वार में गुलदार ने जितेंद्र कुमार की डेढ़ वर्षीय पुत्री यशिका को घर से आंगन से उठा कर अपना शिकार बना दिया था। बुरी तरह जख्मी यशिका को कैंट अस्पताल लाया गया, लेकिन इससे पहले ही वह दम तोड़ चुकी थी। घटना के बाद से यशिका के परिजनों समेत ग्रामीणों में जबर्दस्त आक्रोश है। रविवार को प्रभागीय वनाधिकारी जीवन मोहन दगाड़े, उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य, पुलिस क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के साथ कई दौर की वार्ता के बाद स्वजन ने कोटद्वार के बेस अस्पताल में मासूम के शव का पोस्टमार्टम करवाया। इस दौरान क्षेत्रीय ग्रामीण बड़ी संख्या में बरस्वार गांव में ही मौजूद रहे।

ग्रामीणों के आक्रोश का सामना प्रशासन की टीम को भी करना पड़ा। ग्रामीणों ने बरस्वार गांव को जोड़ने वाले मार्ग में सांकेतिक जाम भी लगाया। इस दौरान ग्रामीण गांव से झाड़ियां हटाने, गुलदार के आतंक से निजात दिलाने व बच्चों व अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे थे। विभाग ने अधिकारियों की ग्रामीणों से वार्ता के दौरान ही गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए थे। इसके बाद वन विभाग के आला अधिकारी समेत प्रशासन की टीम मौके से चली गई, लेकिन ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने गांव के ही मार्ग में सांकेतिक जाम लगा दिया। कुछ देर बाद ग्रामीण प्रदर्शन के लिए लैंसडौन-फतेहपुर मोटर मार्ग में पहुंचे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने ऐसा नहीं करने दिया।

छह लोगों को बना चुके बाघ-गुलदार शिकार

इस साल बीते 24 दिनों में जंगली जानवर प्रदेश में छह लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। इनमें तीन लोगों को बाघ और तीन को गुलदार ने निवाला बनाया।

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