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कलक्टर बने सौतेली मां के सताए बच्चों का सहारा 

Collector becomes support for children harassed by their stepmother

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कलक्टर बने सौतेली मां के सताए बच्चों का सहारा

देहरादून, 10 नवंबर : जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में गंभीर सामाजिक मामलों पर त्वरित कार्रवाई की। कार्यक्रम में कुल 184 प्रकरण सामने आए, जिनमें रायवाला के अनाथ हुए जुड़वा भाई–बहन अक्षर और वैभव का मामला सबसे संवेदनशील रहा।

ग्राम प्रधान ने बताया कि माता–पिता की मृत्यु के बाद बच्चों की सौतेली मां ने पिता की पेंशन और संपत्ति अपने नाम कर ली और उन्हें छोड़कर फरार हो गई। इससे बच्चों की परवरिश और शिक्षा संकट में पड़ गई है। शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी ने एडीएम को पिता की संपत्ति बच्चों के नाम स्थानांतरित कराने के निर्देश दिए। साथ ही डीपीओ को दोनों बच्चों को वात्सल्य जैसी स्पॉन्सरशिप योजनाओं से जोड़कर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के आदेश दिए।

डीडीओ को जांच के निर्देश

किरण देवी ने बताया कि उन्होंने 2014 में पांच लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसकी दस लाख रुपये तक किस्तें जमा कर चुकी हैं, फिर भी बैंक रिकवरी के लिए परेशान कर रहा है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि यह जांच की जाए कि मूल लोन राशि से अधिक जमा होने के बाद भी ऋण निस्तारण क्यों नहीं हुआ।

इसके अलावा, निजी संपत्ति से रिलायंस मोबाइल टावर न हटाने की शिकायत पर डीएम ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि कंपनी अधिकारियों को तुरंत तलब कर मामले का निस्तारण कराया जाए।

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