ग्लेशियर झील से खतरे को लेकर होगा हिमालय में केदारताल का सर्वेक्षण
A survey of Kedartal in the Himalayas will be conducted to assess the threat posed by the glacial lake.

ग्लेशियर झील से खतरे को लेकर होगा हिमालय में केदारताल का सर्वेक्षण
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम से 15 किमी दूर 15,584 फीट की ऊंचाई पर स्थित है केदारताल, नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तय किया गया है ग्लेशियर झील के सर्वेक्षण का कार्यक्रम
देहरादून, 04 सितंबर 2026: नेपाल में ग्लेशियर झील टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल का भी ग्लेशियर झील के संभावित खतरे को देखते हुए वैज्ञानिक व स्थलीय सर्वेक्षण कराया जाएगा। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की ओर से 15 से 21 सितंबर के बीच सर्वेक्षण कार्यक्रम तय किया गया है।
बीते वर्ष पांच अगस्त को उत्तरकाशी के धराली कस्बे में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद केदारताल का वैज्ञानिक सर्वे प्रस्तावित किया गया था। लेकिन, तब मौसम अनुकूल न होने के कारण सर्वे नहीं हो पाया। अब नेपाल में ग्लेशियर झील टूटने से भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दोबारा केदारताल के वैज्ञानिक व स्थलीय सर्वेक्षण का कार्यक्रम तय किया गया है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अपर सचिव प्रकाश चंद्र की ओर से जारी पत्र के अनुसार समुद्रतल से 15,584 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारताल का 15 से 21 सितंबर के बीच सर्वेक्षण किया जाएगा।
सर्वेक्षण दल गंगोत्री धाम से करीब 15 किमी पैदल चलकर केदारताल तक पहुंचेगा। सर्वेक्षण में झील की स्थिति, जलस्तर और ग्लेशियर झील से संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर आकलन किया जाएगा। सर्वेक्षण में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ ही वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान देहरादून और बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान (बीएसआइपी) लखनऊ के वैज्ञानिकोंकी टीम शामिल रहेंगी। जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने बताया कि केदारताल के बाथिमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए टीम पहुंच रही है। यह टीम केदारताल की पूर्व व वर्तमान स्थिति का संभावित खतरे को लेकर आकलन करेगी। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी की टीम भी इसमें सहयोग करेगी।



