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वेदनी कुंड की परिक्रमा के साथ कैलास के लिए विदा हुईं मां नंदा राजराजेश्वरी

Maa Nanda Rajrajeshwari departed for Kailash following the circumambulation of Vedni Kund.

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वेदनी कुंड की परिक्रमा के साथ कैलास के लिए विदा हुईं मां नंदा राजराजेश्वरी

शुक्रवार को  गैरोली पातल से वेदनी कुंड पहुंची लोकजात, यहां पूजा-अर्चना और पितरों का तर्पण कर दी नंदा को कैलास के लिए विदाई, वापसी में देवाल के वांक गांव लौटे नंदा भक्त, शनिवार ल्वाणी गांव होगा उनका अगला पड़ाव

देहरादून, 18 सितंबर 2026: वेदनी बुग्याल स्थित वेदनी कुंड में नंदा की कैलास के लिए विदाई के साथ बधाण की मां नंदा राजराजेश्वरी की लोकजात ने विराम ले लिया। चमोली जिले में समुद्रतल से 12,250 फीट की ऊंचाई पर स्थित वेदनी कुंड में नंदा भक्तों ने शुक्रवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना व पितरों का तर्पण कर लोक देवी नंदा को कैलास के लिए विदा किया।

सुबह आठ बजे मां नंदा राजराजेश्वरी की उत्सव डोली गैरोली पातल से वेदनी कुंड पहुंची। यहां डोली ने कुंड की तीन परिक्रमा की और फिर डोली को नंदा चौक में विराजमान किया गया। इसके बाद बलाण, पिनाऊ, घेस, हिमनी, कुलिंग, वाक, वाण, कनोल समेत विभिन्न स्थानों से आए सैकड़ों भक्तों ने ने वेदनी कुंड में स्नान किया और पूजा-अर्चना के बाद नंदा राजराजेश्वरी को ससुराल कैलास के लिए विदाई दी। दोपहर बाद नंदा भक्त आली बुग्याल व दिदिना होते वापस देवाल ब्लाक के वांक गांव लौट आए। शनिवार को वह लोहाजंग से बगड़ीगाड़ होते हुए रात्रि प्रवास के लिए ल्वाणी गांव पहुंचेंगे।

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