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क्या है मिथिला की मधुबनी कला, इस पर हुई दून में कार्यशाला

What is Madhubani art of Mithila, a workshop was held on this in Doon

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क्या है मिथिला की मधुबनी कला, इस पर हुई दून में कार्यशाला

दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर ने गुरुवार को अपने बाल पुस्तकालय अनुभाग में आयोजित की यह निःशुल्क कार्यशाला

देहरादून, 19 मार्च 2026: दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर ने गुरुवार को अपने बाल पुस्तकालय अनुभाग में मधुबनी कला पर ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें बच्चों को पहली बार इस पारंपरिक भारतीय कला की बारीकियों से परिचित कराया गया। बिहार के मिथिला क्षेत्र में जन्मी मधुबनी कला पारंपरिक रूप अपनी जटिल आकृतियों, गहरी रेखाओं, प्रकृति और पौराणिक कथाओं से प्रेरित विषयों के लिए जानी जाती है।

कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के बीच मधुबनी कला को बढ़ावा देना और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यशाला का संचालन कलाकार दीपाक्षी गुसाईं ने किया, जिन्होंने इस कला को दिल्ली हाट में अपने समय के दौरान सीखा था। उन्होंने प्रतिभागियों को मधुबनी चित्रकला की मूल बातें सिखाईं और कागज पर काले पेन जैसे सरल उपकरणों की सहायता से पारंपरिक आकृतियां और सजावटी बॉर्डर बनाना बताया।

कार्यशाला में हिमज्योति व दून स्कूल के विद्यार्थियों सहित पुस्तकालय के अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने इस व्यावहारिक सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और पूरे समय अपनी रचनात्मकता तथा गहरी रुचि प्रदर्शित की। कार्यशाला नि:शुल्क आयोजित की गई थी, जिसमें प्रतिभागियों को केवल आवश्यक सामग्री साथ लाने के लिए कहा गया था, ताकि सभी के लिए भागीदारी सुलभ हो सके। यह पहल पुस्तकालय के उस प्रयास को दर्शाती है, जिसके तहत पारंपरिक पठन के अलावा अनुभवात्मक शिक्षा के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

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