उत्तराखंडक्राइमगिरफ़्तारमहिला सुरक्षा

विवाहिता को पेट्रोल डालकर जलाया, महिला आयोग सख्त 

Married woman burnt by pouring petrol on her, Women Commission strict

खबर को सुनें


विवाहिता को पेट्रोल डालकर जलाया, महिला आयोग सख्त

हरिद्वार,  13 अक्टूबर 2025 : हरिद्वार जनपद के रोशनाबाद क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना के चलते विवाहिता को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। घटना के संज्ञान में आते ही उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल को तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मामला रोशनाबाद के एक गाँव का है, जहाँ विवाहिता को उसके पति , ससुर, सास, ननद और जेठ द्वारा कथित रूप से 11 अक्टूबर 2025 को पेट्रोल डालकर जला दिया गया। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष लंबे समय से भारती को प्रताड़ित कर रहा था। पीड़िता की बहन ने बताया कि शादी के शुरुआती महीने सामान्य रहे, लेकिन बेटी के जन्म के बाद से उसकी बहन पर अत्याचार बढ़ते गए। 24 सितंबर 2025 को बच्ची के जन्म के बाद उसे लगातार मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ा।

इस वीभत्स घटना में वह 80 प्रतिशत तक झुलस गई है और वर्तमान में एम्स ऋषिकेश में भर्ती है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपी पति सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा “यह अत्यंत निंदनीय और मानवता को झकझोर देने वाली घटना है। किसी भी कीमत पर आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। हर दोषी को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।” उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आयोग पूरी तरह उनके साथ है।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button