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जानिए क्यों की जा रही कॉलेज व विश्वविद्यालयों में ड्रग्स टेस्टिंग 

Know why drug testing is being done in colleges and universities

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जानिए क्यों की जा रही कॉलेज व विश्वविद्यालयों में ड्रग्स टेस्टिंग

देहरादून, 10 अक्टूबर 2025 : “ड्रग्स फ्री देवभूमि” की अवधारणा को साकार करने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में नशा तस्करी पर नकेल कसने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए।

डीएम ने कहा कि राजधानी में नशा तस्करों के लिए कोई जगह नहीं होगी और नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर मौके पर ही संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने दवा फैक्ट्रियों और मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच के निर्देश दिए और सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने को कहा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पर्याप्त ड्रग्स टेस्टिंग किट खरीदने और कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर ड्रग्स टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए डीएम ने मौके पर ही फंड स्वीकृत किया।

अभियान में जनसहभागिता बढ़ाने के लिए प्रशासन पब्लिक हेल्पलाइन नंबर और डेडिकेटेड सेल की स्थापना कर रहा है। स्कूलों की एंटी ड्रग्स समितियों को एसटीएफ से जोड़ा जाएगा, ताकि सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई हो सके।

डीएम ने रायवाला स्थित ओल्ड एज होम को शीघ्र नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण और गतिविधियों की नियमित रिपोर्ट लेने को कहा।

उन्होंने विद्यालयों के आसपास सीसीटीवी लगाने, “मानस” हेल्पलाइन (1933) के प्रचार और यातायात जांच के दौरान ड्रग्स टेस्टिंग की व्यवस्था पर जोर दिया। डीएम बंसल ने कहा, “नशे की सप्लाई चेन तोड़ना ही असली चुनौती है, जिसे सभी विभाग मिलकर समाप्त करेंगे।”

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