उत्तराखंडयूथशिक्षास्पोर्ट्स

तेज हो खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया

The process of construction of Sports University and Women's Sports College should be expedited.

खबर को सुनें


तेज हो खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया

देहरादून, 6 अक्टूबर 2025 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित खेल विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राज्य में खेल अवसंरचना को और मजबूत करने तथा युवाओं को खेलों के प्रति अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार की गई खेल सुविधाओं का नियमित रखरखाव और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य में खेल गतिविधियां निरंतर गति से आगे बढ़ती रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्यभर में नियमित खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कर इन परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग हो।

मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उत्तराखंड खेल जगत में नई पहचान बनाएगा।

उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर से लेकर विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताओं के आयोजन से युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही, खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को भी आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 39वें राष्ट्रीय खेलों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन, पुरस्कार, छात्रवृत्ति और बीमा सुरक्षा के लाभ समयबद्ध रूप से दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र और कॉरपोरेट जगत की भागीदारी से खेल अवसंरचना का विस्तार किया जाए।

बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, खेल परिषद के उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, निदेशक आशीष चौहान सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button